आस्था धाम में खुशी का माहौल
मेहंदीपुर बालाजी (दौसा). विश्व प्रसिद्ध आस्था धाम मेहंदीपुर बालाजी मंदिर को राज्य सरकार के द्वारा अपने नियंत्रण में लेने की कवायद के बीच राजस्थान हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। जानकारी के अनुसार आस्था धाम मेहंदीपुर बालाजी मंदिर को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण करने की तैयारियों के खिलाफ घाटा मेंहदीपुर बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय में गुहार लगाई, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के मंदिर अधिग्रहण पर रोक लगा दी।
हाईकोर्ट ने स्टे आदेश में सरकारी प्रक्रिया पर 21 अक्टूबर तक स्टे लगा दिया है। हाई कोर्ट द्वारा स्टे जारी करने के बाद विगत 10 दिनों से चल रही प्रक्रिया पर विराम लग गया है। जानकारी के अनुसार आस्था धाम मेहंदीपुरबालाजी मंदिर को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण करने की तैयारियों व देवस्थान विभाग सहायक आयुक्त द्वारा जारी किए गए नोटिस के खिलाफ घाटा मेंहदीपुर बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट पिटिशन दायर की थी।
इसमें मंदिर प्रबंधन की ओर से घाटा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर ट्रस्ट को वंशानुगत प्रक्रिया के तहत संचालित होना बताया था। जबकि देवस्थान विभाग का मत था कि यह ट्रस्ट वंशानुगत न होकर साधारण ट्रस्ट है, जिसमें सेक्शन 54 के तहत 53 का नोटिस दिए बिना कार्रवाई की जा सकती है। मामले में हाईकोर्ट ने 21 अक्टूबर तक स्टे जारी कर देवस्थान विभाग को नोटिस जारी किए हैं। अब देवस्थान विभाग के प्रभाव व प्रक्रिया पर आगामी आदेशों तक रोक रहेगी।
मंदिर अधिग्रहण पर राजस्थान उच्च न्यायालय के स्टे ऑर्डर की खबर सुनते ही आस्था धाम क्षेत्र के लोगों तथा श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई । इस दौरान प्रमोद अग्रवाल, राजकुमार शर्मा, पवन शर्मा, विष्णु उकेरी, मनीष गोस्वामी, हनुमान पुरी गोस्वामी, रोहतास गोस्वामी, पवन भंडारी, राकेश सेठी राज कुमार सेठी, गजेंद्र मिश्रा, जगदीश प्रिंस, नीरज गर्ग,भोली शर्मा, राजेश शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।