राजस्थान के दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र के नाहरखोहरा गांव में अनूठी घटना सामने आई। वहां श्वानों के झुंड ने अपने साथी श्वान को लेपर्ड के जबड़े से बचा लिया। ग्रामीण भरतलाल मीणा व अन्य ने बताया कि शुक्रवार रात लेपर्ड गांव में घुस गया। एक घर के पास ही घूम रहे पालतू […]
राजस्थान के दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र के नाहरखोहरा गांव में अनूठी घटना सामने आई। वहां श्वानों के झुंड ने अपने साथी श्वान को लेपर्ड के जबड़े से बचा लिया।
ग्रामीण भरतलाल मीणा व अन्य ने बताया कि शुक्रवार रात लेपर्ड गांव में घुस गया। एक घर के पास ही घूम रहे पालतू श्वान पर हमला कर उसकी गर्दन पकड़ कर बैठ गया। दूसरे श्वानों को पता लगने पर वे झुंड में लेपर्ड की तरफ भौंकते हुए बढ़े तो लेपर्डडरकरपहाड़ी की तरफ भाग गया। श्वान जिंदा बच गया। यह पूरा घटनाक्रम एक घर के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
ग्रामीणों में घटना के बाद से भय व्याप्त है। यह गांव पहाड़ियों के बीच बसा होने के कारण पहले भी यहां जंगली जीव आ चुके। वन विभाग के बालाजी क्षेत्र के फोरेस्टर डूंगर सिंह ने बताया पहाड़ियों पर लेपर्ड का मूवमेंट है। वह रात को आबादी क्षेत्र में आ गया था। अब वापस पहाड़ी की तरफ चला गया है।
जिले के बांदीकुई क्षेत्र में पिछले वर्ष टाइगर भी आ गया था। इस वर्ष भी दो शावक कई दिनों तक बांदीकुई क्षेत्र में रह चुके। जिले के एक तरफ सरिस्का व दूसरी तरफ रणथम्भौर होने के कारण यहां वन्य जीवों का मूवमेंट होता रहता है।