शवों को रखकर लालसोट विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर व ग्रामीणों के धरने पर बैठने से अधिकारी आए सकते में, पुलिस अधिकारियों को हटाने के बाद किया अंतिम संस्कार।
गृह क्लेश व दहेज प्रताडऩा से तंग आकर दो सगी बहनों के तीन मासूमों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए टोडाभीम विधायक घनश्याम महर एवं लालसोट विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीना टोड़ाभीम में धरने पर बैठ गए। बाद मेें पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
दौसा पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने बताया कि महुवा पुलिस सीओ राजेश मलिक को एपीओ कर जयपुर मुख्यालय लगा दिया एवं मण्डावर थाना प्रभारी बृजेश मीना को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं टोडाभीम एसएचओ राजेश शर्मा को भी जांच प्रभावित नहीं हो, इसलिए करौली पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगा दिया।
इससे पहले गुरुवार रात टोडाभीम विधायक पांचों शवों को लेकर टोडाभीम थाने पहुंच गए। उन्होंने मंडावर व टोडाभीम पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने व आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया। जब पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो वे थाने पर ही शवों को लेकर धरने पर बैठ गए और इस मामले में पुलिस महानिदेशक से बात की।
शुक्रवार सुबह लालसोट विधायक किरोड़ी मीना भी टोड़ाभीम थाने पहुंच गए। वे पहले तो थाने पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्रवाई में लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इसके बाद डॉ. मीना मृतकाओं के गांव खेड़ी पहुंच कर धरने पर बैठ गए।
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाईके बाद डॉ. मीना ने 2 जून तक आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है, अन्यथा 3 जून से आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बाद में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हुए।
उल्लेखनीय हैकि गुरुवार तड़के दौसा जिले में मंडावर आगरा-बांदीकुई रेलवे ट्रेक पर अलवर फाटक के पास ससुराल में गृह क्लेश से तंग आकर दो सगी बहिन हेमा (30) पत्नी रामकेश मीना, पपीता (24) पत्नी राजू मीना ने तीन पुत्र-पुत्रियों के साथ ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी थी।
एफआईआर दर्ज करने में की लापरवाही
उक्त मामले में मृतकाओं के भाई राजवीर ने सास, ससुर, ननद, देवर व चाची ससुर के खिलाफ दहेज प्रताडऩा व ज्यादती के प्रयास का मामला दर्ज कराया है। इस पर मंडावर थाना पुलिस ने बिना नंबरी एफआईआर काट कर टोडाभीम थाने भेज दी थी। इसके बाद टोडाभीम पुलिस ने भी मामला दर्ज करने से मना कर दिया था।