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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के ये हथियार पड़े थे पाकिस्तान पर भारी, जानें किसकी कितनी है ताकत?

Operation Sindoor Weapons: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के कई आधुनिक हथियार पाकिस्तान पर भारी पड़े। ब्रह्मोस मिसाइल, राफेल, S-400 और सुखोई-30 जैसे हथियारों ने दुश्मन की ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया।

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नई दिल्ली

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Harshita Saini

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आनंद मणि त्रिपाठी

May 07, 2026

Operation Sindoor Weapons

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के ये हथियार पड़े थे पाकिस्तान पर भारी (सोर्स-AI)

Operation Sindoor Weapons: भारत के ऑपरेशन सिंदूर की धमक इतनी तेज थी कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी बंकर में छिपने पर विचार करने लगे थे। कई अधिकारी विदेश भागने की जुगत में बेलगे। भारतीय सेना ने जिन हथियारों का इस्तेमाल किया, आइए उनसे रूबरू होते हैं…

ब्रह्मोस

दुनिया की सबसे तेज सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल, जिसकी मारक क्षमता अचूक है। सुखोई-30 से दागी वागी गई इस मिसाइल ने पाकिस्तान के अंदर स्थित नूर खान एयरबेस सहित छह एयरबेस को निशाना बनाया। यह अपनी गति के कारण रडार की नजरों से ओझल रहने में सक्षम है।

स्कैल्प मिसाइल

यह एक सटीक लॉन्ग रेंज कूज मिसाइल है जितने कई आतंकी बंकरों को नष्ट किया। यह इतनी सटीक है कि हमला करने से पहले लक्ष्य के फोटो का मिलान करती है।

मिराज

वायुसेना का यह पुराना लेकिन अत्यंत घातक योद्धा है। जीपीएस और लेजर गाइडेड बम सिस्टम से लैस यह जेट 60 किमी की दूरी से दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखता है।

एल-70

जबलपुर गन फैक्ट्री में तैयार इस ऑटोमैटिक एंटी-एयरक्राफ्ट गन ने कई हवाई हमलों को विफल किया। नगइट विजन लेंस से लैस यह गन एक मिनट में 300 गोलियां और एक सेकंड में पांच गोले दाग सकती है और 12 किमी तक प्रभावी है।

राफेल

बालकोट संघर्ष दौरान जिसकी कमी खली थी, इस बार के सैन्य संघर्ष में उसका जमकर प्रयोग किया गया। फ्रांस से खरीदे गए ये 36 जेट न केवल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है बल्कि पाकिस्तानी जेएफ-17, जे-10 और एफ-16 इनके सामने कहीं नहीं ठहरते।

एस-400 (सुदर्शन)

10 मई 2025 को पाकिस्तान द्वारा पंजाब और राजस्थान के एयरबेस पर किए गए मिसाइल हमलों को इसी सिस्टम ने नाकाम किया। यह 300 किमी के दायरे में एक साथ कई लक्ष्यों को पहचान कर नष्ट कर सकता है।

हैमर मिसाइल

बहावलपुर जैसे मजबूत किलाबंद इलाकों को नष्ट करने के लिए यह बेहतरीन विकल्प साबित हुआ है। एक करोड़ की लागत वाली लेजर गाइडेंस सिस्टम से लैस यह मिसाइल 70 किमी की मारक क्षमता रखती है। यह 1000 किलो तक बम ले जाने में सक्षम है।

आकाशतीर

इस स्वदेशी स्वचालित वायु रक्षा प्रणाली ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अहम भूमिका निभाई। यह सी4आइएसआर फ्रेमवर्क का हिस्सा है. जो दुश्मन के विमानों-ड्रोन का पता लगाकर दुनिया के किसी भी अन्य सिस्टम की तुलना में अधिक तेजी से कार्रवाई करता है।

सुखोई-30

यह वायु सेना का शक्तिशाली मल्टीरोल फाइटर जेट है। यह 3000 किमी से अधिक की दूरी मिशन को अंजाम दे सकता है। पाकिस्तानी एयरबसों पर तबाही मचाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल को इसी जेट से दागा गया था।

स्पाइस 2000 बम

इजरायली तकनीक वाला यह बम अत्यंत तीव्र है। जीपीएस और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल गाइडेड सिस्टम की मदद से यह इन्फ्रारेड और विजिबल लाइट सेंसर के जरिए लक्ष्य को पहचान कर उसे पलक झपकते ही नष्ट कर पैता है। वहीं, हैरोप ड्रोन ने पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम की चकमा देकर सटीक स्ट्राइक की।