अव्यवस्थाओं से खफा होकर साधारण सभा से बाहर आ गए विधायक, मंत्री व जनप्रतिनिधि
दौसा. जिला परिषद सभागार में बुधवार को आयोजित जिला परिषद की पहली साधारण सभा ही अव्यवस्थाओं के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गई। जो सदस्य अपने इलाके के समस्याएं एवं नए कार्यों के प्रस्ताव लेकर आए थे, उनके अरमान धरे ही रह गए।
जिला परिषद सभागार में नवीन कार्यकाल की पहली साधारण सभा जिला प्रमुख हीरालाल सैनी की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे आयोजित हुई। सीईओ प्रताप सिंह ने जिला प्रमुख से साधारण सभा शुरू करने की अनुमति मांग कर बैठक की कार्यवाही शुरू की। इस दौरान महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश भी मौजूद थी। कुछ देर में दौसा विधायक मुरारीलाल मीना व बांदीकुई विधायक जीआर खटाणा भी पहुंच गए। शुरुआत में सदस्यों ने अपना परिचय दिया।
बैठक की कार्यवाही शुरू हुई उस दौरान कई जिला परिषद सदस्य एवं पंचायत समिति प्रधानों को बैठने के लिए जगह ही नहीं मिली। वहीं माइक भी बार-बार बंद हो रहा था। एक महिला सदस्य सभागार के पिछले हिस्से में सीट नहीं मिलने से करीब 10 मिनट तक खड़ी रही तो उस पर दौसा विधायक मुरारीलाल की नजर पड़ गई। इस पर विधायक ने जिला परिषद सीईओ सहित अधिकारियों से कहा कि आपकी व्यवस्थाएं ठीक नहीं है। इस मिटिंग को स्थगित करो और आगे की तारीख तय कर तरीके से बैठक की जाए।
इतना कहते ही भाजपा के सदस्य भी अपनी सीटों से खड़े हो गए और व्यवस्थाओं को लेकर हंगामा करने लग गए। सदस्यों ने कहा कि पहली ही सभा में व्यवस्थाएं ठीक नहीं है और वे बहिष्कार कर सभागार से बाहर आ गए। कुछ देर बाद विधायक मुरारीलाल मीना ने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना की सड़कों का प्रस्ताव तो ले लिया जाए, जिलेभर की करीब 117 पीएमजेएसवाई की सड़कों के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। यह कह कर दौसा एवं बांदीकुई विधायक सभागार से बाहर आ गए।
इधर, भाजपा सदस्य नीलम गुर्जर ने कहा कि सभा में बैठने-बोलने की उचित व्यवस्था नहीं थी। कांग्रेस नेताओं ने बैठक को व्यक्तिगत समझ लिया। इसके चलते वॉकआउट किया गया।
इस दौरान उपजिला प्रमुख मानधाता मीना, दौसा प्रधान प्रहलाद मीना, नांगलराजावतान प्रधान दिनेश बारवाल, लवाण बीना बैरवा, सिकराय कमला मीना, लालसोट एडवोकेट नाथूलाल मीना, रामगढ़पचवारा डॉ. कौशल्या मीना, बसवा सीताराम मीना, बैजूपाड़ा सरोज योगी, बांदीकुई सुनीता खूंटला, सिकंदरा प्रधान सुल्तान बैरवा, जिला परिषद सदस्य सुनीता ठीकरिया, हरदेवसिंह पावटा, छोटूराम मीना, मेघराम नांदरी, बृजमोहन झूंथाहेड़ा, रामप्रसाद बगड़ी, ममता मीना, पूजा मीना, सीताराम सहित अधिकांश जिला परिषद सदस्य एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मंत्री ने दिए लापरवाही नहीं करने के निर्देश
महिला बाल विकास मंत्री ने बैठक में अव्यवस्थाओं को देख प्रधानों व जिला परिषद सदस्यों से अगली बैठक में सुधार के लिए सुझाव लिए। इस पर लालसोट प्रधान नाथूलाल मीना ने कहा कि कम से कम माइक तो अच्छा होना चाहिए। पदवार जनप्रतिनिधियों की बैठक व्यवस्था नेमप्लेट के साथ होनी चाहिए। मंत्री ने सीईओ को निर्देश दिए कि आगे से बैठक में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।