दौसा

दौसा में खनन माफिया बेखौफ: ढाई वर्ष में आधा दर्जन से अधिक लोगों को गंवानी पड़ी जान

खनिज विभाग की टीम पर हमला कर होमगार्ड को उतार दिया था मौत के घाट

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Sep 18, 2020
खनिज विभाग की टीम पर हमला कर होमगार्ड को उतार दिया था मौत के घाट

दौसा. जिले में अवैध बजरी खनन माफिया बेलगाम हो गया है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से व मिलीभगत से हौसले बुलन्द होते जा रहे हैं। जिले में गत ढाई वर्ष में अवैध ट्रैक्टर ट्रॉलियों की टक्कर व हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग जान गंवा बैठे हैं। खनन माफिया गत दिनों लालसोट के रामगढ़ पचवार थाना क्षेत्र व महुवा उपखण्ड क्षेत्र में कई बार फायरिंग कर वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। महुवा क्षेत्र में खनन माफियाओं ने खनिज विभाग के सर्वेयर को बंधक बना लिया था तो लालसोट में एक कर्मी पर ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया था। वहीं बजरी खनन करने से हुई खाइयों में बारिश के दिनों में भरे पानी के दौरान दो बच्चों की मौत भी हो चुकी है। महुवा क्षेत्र में खनन माफियाओं ने फायरिंग कर एक जने की हत्या तक कर दी थी।


गौरतलब है कि गुरुवार को खनन माफियाओं ने खनिज विभाग की टीम पर हमला कर जब्त किए गए ट्रैक्टर से बॉर्डर होमगार्ड भवानी सिंह को धक् का देकर नीचे गिराकर हमला कर दिया था, जिसे घायलावस्था में मंडावर चिकित्सालय पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने रैफर कर दिया। दौसा जिला अस्पताल में लाने के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

बनास व मोरेल नदी है बजरी खनन के गढ़
बजरी खनन का अवैध कारोबार का गढ़ सवार्ई माधोपुर जिले की बनास व मोरेल नदी है, लालसोट सवाई माधोपुर जिले की सीमा पर बसा होने के चलते जिले के अन्य क्षेत्रों में बजरी का परिवहन लालसोट क्षेत्र से ही होता है। क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों पर दिन रात बजरी भरे वाहनों की रेलमपेल मची रहती है। सवाई माधोपुर रोड़ पर बसे कई गांव बजरी कारोबार के गढ बन चुके हैं, इस तरह रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र का सोनड़ गांव तो जयपुर व दौसा जिले की सबसे बड़ी बजरी मंडी के रुप में अपना नाम बना चुका है।

यहां हुए हमले व हादसे
करीब ढाई वर्ष पूर्व 21 मार्च 2018 को शहर के खटवा रोड पर कोली की कोठी चौराहे पर बजरी भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से ही परिवार के चार जने अपनी जान भी गवां चुके हैं, मृतकों में एक परिवार का मुखिया और तीन बालक शामिल थे। इसके कुछ ही महिनों बाद अगस्त माह में लालसोट- श्रीरामपुरा रोड़ पर एक राहगीर को बजरी भरी ट्रॉली की टक्कर से जान को गवांना पड़ा था।

इसके अलावा गत वर्ष 25 मई को रामगढ पचवारा थाने का एक हैड कांस्टेबल रिंकूलाल जब बजरी भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को थाने पर ला रहा था तो कुछ जनों ने उसका सिर फोड़ते हुए जान लेवा हमला भी कर दिया, इस घटना में पुलिस अब तक आधा दर्जन जनों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन दो आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इसी तरह करीब दो वर्ष पूर्व ही 19 जुलाई 2018 को सवाई माधोपुर रोड़ पर बजरी परिवहन को रोकने के लिए बनार्ई गई एक चैक पोस्ट तैनात एक एएसआर्ई पर भी बजरी भरी ट्रैक्टर ट्रॉली से टक्कर मारने की घटना हो चुकी है, जिसके आरोपितों का पता लगाने में पुलिस आज तक नाकाम रही है।

Published on:
18 Sept 2020 08:00 pm
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