इस सीजन की सबसे अच्छी बारिश, खरीफ की फसलों को मिली जान, खेतों में जुट गया किसान
दौसा. जिले में पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश की बाट देख रहे किसानों के लिए गुरुवार रात को मौसम ने राहत दी है। जिलेभर में कहीं पर मूसलाधार तो कहीं पर मध्यमगति की बारिश होने से चारों ओर पानी ही पानी हो गया। खेत लबालब हो गए। इससे सूखती खरीफ की फसलों में फिर से जान आ गई।
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता श्रीकिशन मीना ने बताया कि जिले में गुरुवार रात को सर्वाधिक महुवा में 139 एमएम यानि साढ़े पांच इंच से भी अधिक बारिश हुई। वहीं सिकराय में 90 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसी प्रकार दौसा तहसील कार्यालय में लगे वर्षामापी यंत्र में 81 व दौसा गांधी तिराहा स्थित जलदाय विभाग कार्यालय में लगे वर्षामापी यंत्र में 53 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बांदीकुई में 52, बसवा में 38, रेडिया में 36, महुवा जलदाय विभाग कार्यालय में 80, सैंथल सागर में 24, लालसोट में 17, नांगलराजावतान में 45, रामगढ़पचवारी में 43, राहुवास में 15 तथा लवाण में 1 एमएम बारिश हुई है। रिमझिम बारिश का दौर शुक्रवार को भी चलता रहा।
मुरझाई फसलें खेतों में लहलहा उठी
अच्छी मानसूनी बारिश होने से सूखने के कगार पर चली गई खरीफ की मक्का, बाजरा, मूंगफली, ग्वार, ज्वार, तिल व सब्जी की फसलों को अच्छा पानी मिल गया है। इससे जो फसलें मुरझा गई थीं, उन फसलों में रौनक आ गई है। जो फसलें एक दिन पहले खेतों में मुरझा कर चिपक गई थी वे ही फसलें शुक्रवार सुबह खेतों में खड़ी लहलहा रही थी।
खेतों में जुट गया किसान
जिलेभर में मानसून की अच्छी बारिश होने से किसान अपने खेतों जुट गया है। कोई किसान यूरिया बीज दे रहा था तो कोई निराई कर रहा था। बरसात से पहले न तो किसान खेतों में खड़ी फसलों में यूरिया दे रहे थे और ना ही निराई - गुड़ाई कर रहा था। लेकिन बारिश होते ही सुबह बाजारों में खाद बीज की दुकानों पर किसानों की भीड़ देखने को मिली। किसान यूरिया खरीद कर खेतों में देने के लिए जुट गया।