दौसा

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पट नहीं खोलने पर विरोध-प्रदर्शन

- रोजी-रोटी का संकट

2 min read
Oct 30, 2020
मेहंदीपुर बालाजी. बालाजी मंदिर के पट नहीं खोलने पर विरोध प्रदर्शन करते व्यापारी व अन्य लोग।

दौसा. मेहंदीपुर बालाजी कस्बे स्थित श्रीबालाजी महाराज मंदिर के पट बंद रहने पर श्रद्वालुओ और व्यापारियो में रोष है। कई माह से बालाजी मंदिर बंद हैं। ऐसे में मेहंदीपुर बालाजी के व्यापारियों, गेस्ट हाउस, होटल संचालक, प्रसाद बेचने वाले दुकानदार,रेस्टोरेंट्स, थड़ी, ठेला, फूल माला बेचने वालो के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इसको लेकर मेहंदीपुर बालाजी के व्यापारियों व श्रद्धालुओं ने विरोध प्रदर्शन कर मंदिर के पट खोलने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लागकर सरकार से इसमें हस्तक्षेप करके मंदिर खुलवाने की मांग की। व्यापारियों व श्रद्धालओ का कहना था कि करौली जिले का कैलादेवी मंदिर खोला जा चुका है। ऐसे में मेहंदीपुर बालाजी मंदिर को बंद रखना औचित्य नहीं है। जबकि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर प्रबंधन मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं की पूर्ण व्यवस्था करने को तैयार है, लेकिन प्रशासन मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी व्यवस्था संभालने को तैयार नहीं है।
प्रहलाद प्रिंस सहित अन्य ने बताया कि जिला प्रशासन को कैलादेवी मंदिर की तर्ज पर व्यवस्थाएं कर बालाजी मंदिर भी खोल देना चाहिए। मंदिर के बंद होने से व्यापारियों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
गोपाल सिंह ने कहा कि मंदिर के पट बंद रहने से भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। आठ महीने से बालाजी मंदिर बंद है। अधिकतर मंदिर खुल चुके हैं। पंचायत चुनाव हो चुके हैं। बालाजी मंदिर से हजारों लोगों की रोजी-रोटी चलती है।
मंदिर प्रबंधन ने सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार मंदिर में श्रद्धालुओं की दर्शनों की सारी व्यवस्थाएं की हुई है। उन्होंने बताया कि बालाजी मंदिर बंद होने से कस्बे के दुकानदारसहित हर वर्ग पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में जिला प्रशासन को सही निर्णय लेते हुए बालाजी मंदिर को खोलना चाहिए। इधर, श्रद्धालुओं का कहना है कि देश के अधिकतर राज्यों में मंदिर को खोला जा चुका है। ऐसे में मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के पट बंद होने से श्रद्धालुओं की आस्था पर ठेस पहुंच रही है।

Published on:
30 Oct 2020 10:18 pm
Also Read
View All