दौसा

एक साल पहले चुनाव लड़ने के लिए तैयार, लेकिन सचिन पायलट को CM नहीं बनने देंगे: परसादीलाल

Rajasthan political crisis: परसादीलाल मीना ने एक बार फिर सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी व अमित शाह की गोद में बैठकर मानेसर जाने वालों को सीएम नहीं बनने देंगे।

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Sep 29, 2022

दौसा/मंडावरी। Rajasthan political crisis: शारदीय नवरात्र के दौरान प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीना अपने गांव मंडावरी में देवी पूजा में लीन हैं। बुधवार को चिकित्सा मंत्री ने अपनी कुलदेवी ब्रह्माणी माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और माता की आरती करते हुए क्षेत्र में अमन-चैन की कामना की। पत्रकारों से बातचीत में परसादीलाल मीना ने एक बार फिर सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी व अमित शाह की गोद में बैठकर मानेसर जाने वालों को सीएम नहीं बनने देंगे।

सतीश पूनिया का बयान सचिन पायलट के लिए दरवाजे खुले होना क्या इशारा करता है? इससे अच्छा है कि इस्तीफा मंजूर कराकर एक साल पहले चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को गिराने वालों के साथ नहीं जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वे कोई सीएम की रेस में नहीं है। वहीं पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह का कहना है कि पार्टी आलाकमान सुप्रीम है और राजस्थान में मुख्यमंत्री सुप्रीम है। उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चौदह साल का अनुभव है। वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्हें पता है कि पूरे हालात को कैसे टैकल करना है।

मुरारीलाल बोले- इस्तीफा देने वाले हैं पार्टी के खिलाफ:
सचिन पायलट खेमे के मंत्री मुरारीलाल मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट पर जवाबी हमला बोला है। बुधवार को मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने पार्टी के खिलाफ काम नहीं किया। बल्कि चुनाव से पहले सचिन पायलट के नेतृत्व में जमीन पर लड़ाई लड़ी। इसकी बदौलत ही कांग्रेस की सरकार बनी। पार्टी के खिलाफ काम तो उन लोगों ने किया, जिन्होंने इस्तीफे दिए।

पायलट और मानेसर गए विधायकों ने कोई इस्तीफे नहीं दिए। मीणा ने आरोप लगाया कि चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ खुद कांग्रेस के खिलाफ रह चुके हैं। जब तक इनको मलाईदार पद मिलते रहते हैं, तब तक ही ये आलाकमान की बात करते हैं। 2008 में परसादी लाल ने निर्दलीय चुनाव क्यों लड़ा था। परसादी लाल ने गलत आरोप लगाए हैं कि हम भाजपा की गोद में बैठ गए। हम केवल आलाकमान तक अपनी बात रखने गए थे। चुनाव एक साल बाद हों या मध्यावधि, इसमें पता लग जाएगा कौन कितने पानी में है।

Published on:
29 Sept 2022 09:37 am
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