Rajasthan Rain: आतरी क्षेत्र में बहने वाली धाकड़ी नदी का पानी का पानी तीसरे दिन भी पूरे उफान पर रहा। नदी का पानी धाकड़ा, टोडागंगा समेत कई गांवों के घरों में जा घुसा।
Rajasthan Rain: जोरदार बारिश के चलते दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में करीब एक दर्जन से अधिक एनिकट कुछ ही घंटों में लबालब हो गए। शहर के मायला कुआ डिटेंशन टेंक पर बने सभी तीन एनिकट पर पूर्ण भराव के बाद सोमवार सुबह से ही चादर चलने लगी। इसके अलावा खोहरापाड़ा एनिकट भी पूरा भरने के बाद चादर चल पड़ी। मोरेल नदी में एक बार फिर पानी की आवक होने से समेल गांव के पास बने एनिकट पर दोबारा चादर चलने लगी। मोरेल नदी का पानी समेल, गुजरहेड़ा एवं नालावास समेत कई गांवों तक जा पहुंचा है। इसके अलावा कल्याणपुरा गांव के पास मोरेल नदी पर बना एनिकट भी पूरा भर गया।
ग्रामीण इलाकों मेें जगह-जगह बने अधिकांश एनिकट ओवरफ्लो हो गए। ग्राम पंचायत लाड़पुरा के बैरवा बस्ती पर बना कच्चा बांध तेज बरसात से टूट गया है। अभिषेक मीना ने बताया कि इस साल ही मनरेगा के द्वारा बांध का निर्माण किया गया था। बांध कच्चा होने के कारण यह पूर्व में भी यह टूट गया था, जिसके बाद इसी साल पुन: निर्माण किया गया था।
तेज बारिश के बाद सोमवार को ग्रामीणों ने बांध की पाल पर मिट्टी डालकर टूटने से बचाने का प्रयास किया था, लेकिन सफ़लता नहीं मिली। इसी तरह आतरी क्षेत्र में बहने वाली धाकड़ी नदी का पानी का पानी तीसरे दिन भी पूरे उफान पर रहा। नदी का पानी धाकड़ा, टोडागंगा समेत कई गांवों के घरों में जा घुसा। शहर की कैमला ढाणी के पास खटवा रोड़ पर करीब 400 सौ वर्ष पुराना विशाल बरगद का पेड़ भी धराशायी हो गया। इससे दिनभर लालसोट- खटवा रोड़ पर यातायात अवरुद्ध रहा।
बारिश के चलते दौसा-गंगापुर रेल ट्रेक पर डिडवाना कस्बे में रेल सुरंग से पहले करीब दो किमी लंबे ट्रेक पर जगह जगह मिट्टी का मलबा गिर पड़ा। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हडक़ंप मच गया एवं दर्जनों मजदूरों व कार्मिकों ने मौके पर पहुंच कर युद्धस्तर पर कार्य कर मिट्टी को हटाया। इसके बाद अजमेर-गंगापुर सीटी डेमू ट्रेन को गुजरा गया। शाम को मालगाड़ी को यहां भी गुजरा गया। मिट्टी गिरने से ट्रेक के दोनों ओर बनाई गई नालियां भी जाम हो गई।
जानकारी के अनुसार रेलवे अभियंताओं ने सुरंग से पूर्व ट्रेक के दोनो ओर मिट्टी पर दूब लगा कर रोकने का प्रयास किया था, लेकिन रेल संचालन शुरू होने के कुछ ही महिनों बाद पहली जोरदार बारिश ने अभियंताओं की अदूदर्शिता की पोल खोल कर रख दी और ट्रेक के दोनों ओर मिट्टी खिसक कर ट्रेक पर गिर पड़ी। डिडवाना कस्बे के ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में ट्रेन संचालन शुरू होने से पहले पत्थरों की पिचिंग भी ढह चुकी है। इससे रेलवे को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है और उसके बाद दूब के सहारे करीब 35 फीट की ऊंचाई से मिट्टी रोकने का नाकाम प्रयास किया गया।