शराब पीकर झगड़ता था पति, गुस्से में उठाया कदमपत्नी बेटा गिरफ्तार, बेटी निरुद्ध
लालसोट(दौसा). उपखण्ड के उगरियावास गांव में इस माह आठ सितम्बर को बाजरे के खेत में शव मिलने के सनसनीखेज मामले में मृतक की पत्नी को ही पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
अपने पति द्वारा थप्पड़ मारे जाने व उसकी शराब पीने की आदतों से घर पर कर्जा मांगने से परेशान पत्नी ने तौलिये से गलाघोंट कर पति को जान से मार देने के बाद बेट व बेटी की मदद से शव को बाजरे के खेत में छिपाने के लिए सहयोग किया था। मामले में सहयोग के लिए पुलिस ने मृतक के पुत्र को भी गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग पुत्री को भी निरुद्ध किया है। मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी भांगती देवी एवं पुत्र धर्मराज बैरवा को गिरफ्तार किया है और एक नाबाालिग पुत्री को निरुद्ध किया है।
लालसोट सीओ सतीश यादव ने बताया कि 8 सितम्बर को थाना क्षेत्र के उगरियावास गांव में बाजरे के खेत में रामकल्याण बैरवा का शव मिला था। इसके बाद मृतक के पुत्र धर्मराज बैरवा ने अज्ञात जनों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने जयपुर रेंज आईजी एस सेंगाथिर, एसपी मनीष अग्रवाल व एएसपी अनिल सिंह चौहान के निर्देश पर कार्यवाहक थाना प्रभारी महावीर प्रसाद की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन करते हुए इस हत्याकांड की जांच शुरू की थी।
जांच में पाया गया कि मृतक रामकल्याण बैरवा शराब का आदी था। कर्जदार रुपए मांगने के लिए उसकी पत्नी के पास भी आने लगे थे। इस माह छह सितंबर को रामल्याण की पत्नी भांंगती देवी के पीहर में जन्मदिन का कार्यक्रम था। जिसमें शरीक होने के लिए वह अपने पुत्र धर्मराज के साथ चली गई थी और अपने पति को सात सितम्बर को खटवा गांव में मिस्त्री का कार्य करने के लिए जाने की बात कहकर गई थी। सात सितम्बर को उसका पति खटवा गांव तो गया लेकिन वहां मिस्त्री का काम नहीं किया।
जब उसकी पत्नी पीहर से लौटी तो पति द्वारा मिस्त्री का काम नहीं करने पर नाराज हो गई और इस दौरान मृतक रामकल्याण व उसके बीच काम करने की बात व कर्जदारों के कर्ज चुकाने की बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिस पर मृतक द्वारा पत्नी के थप्पड़ मारे जाने के बाद गुस्से में पत्नी भांगतीदेवी ने पति का उसके ही तौलिये से गला घोंट करा हत्या कर दी और रात्रि आठ बजे पुत्र धर्मराज व पुत्री के साथ अंधेरे में जंसीराम मीना के शव को बाजरे के खेत में ले जाकर डाल दिया और वहां पर शराब की खाली बोतल रख दी। इसके बाद षडयंत्र पूर्वक पत्नी व अन्य परिजन रामकल्याण बैरवा को ढूंढने का नाटक करने लगे।
शुरू से मामला संदेहास्पद रहा
शव मिलने के बाद से ही यह पूरा मामला लालसोट पुलिस की नजर में संदेहास्पद नजर आने लगा था। पुलिस ने बताया कि घटना स्थल पर मिली खाली बीयर की बोतल सूखी हुई मिली थी। जिस पर उन्हें संदेह हुआ कि यदि वह बोतल लेकर शौच के लिए गया है तो उसमें थोड़ा पानी जरूर मिलना चाहिए था। इसकेे अलावा पुलिस को मौके से एक धागा भी मिला, यह धागा मृतक की पुत्री की स्टॉल का था तथा इसी स्टॉल से ही उसके पैर बांधे गए थे, बाद में जब इस धागे का घर के कपड़ों से मिलान किया गया तो वह पुत्री के एक स्टॉल से मैच हो गया। इसके अलावा पुलिस को इस बात की भी जानकारी मिली थी धर्मराज के शर्ट पर भी खून के निशान थे। जिसे घटना के बाद धो दिया गया था, बाद में पुलिस ने इस शर्ट को भी घर से जब्त कर लिया।
बार बार पूछताछ पर टूटे परिजन
कार्यवाहक एसएचओ ने बताया कि घटना के बाद परिजनों से करीब तीस से चालीस बार अलग अलग पूछताछ की गई थी। इस दौरान जब उनके विरोधाभासी बयान रहे। कड़ी पूछताछ के बाद पत्नी, पुत्र व पुत्री टूट गए और उन्होंने घटना के बारे में पुलिस को पूरी जानकारी दे दी।