सरकारी विद्यालय में कक्षा 12 में अध्ययनरत एक छात्रा को विद्यालय के दरवाजे से अगवा कर दो युवकों द्वारा गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर रेप करने को लेकर महिला थाने में मामला दर्ज कराया है।
सरकारी विद्यालय में कक्षा 12 में अध्ययनरत एक छात्रा को विद्यालय के दरवाजे से अगवा कर दो युवकों द्वारा गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर रेप करने को लेकर महिला थाने में मामला दर्ज कराया है। उसने रिपोर्ट में बताया कि बुधवार सुबह विद्यालय में जाने से पहले एक दुकान पर फोटोस्टेट कराने गई थी। दुकान बंद होने के कारण वापिस जब विद्यालय की ओर आई तो मोटरसाइकिल पर सवार लोकेश व सतीश ने जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया तथा गले की स्टोल से मुंह को भींच दिया। इसके बाद मोटरसाइकिल को लेकर दोनों युवक मुंबई एक्सप्रेस हाईवे की ओर ले गए और मुंह सहित आंखों पर कपड़ा बांध दिया। इसी बीच जबरदस्ती कोल्डड्रिंक पिला दी और एक कमरे में ले जाकर लोकेश ने गलत काम किया और सतीश ने सामने बैठकर फोटो वीडियो बनाया। इसके बाद दोनों ने बलात्कार किया।
10 घंटे बाद मिली परिजनों को : नाबालिग पीड़िता के पिता ने बताया कि बच्ची के घर पर नहीं आने की सूचना मिलने के साथ ही पहले तो आसपास तलाश की, लेकिन शाम करीब 6:00 बजे बच्ची का फोन आया कि वह जीरोता के समीप चाय की दुकान पर है। इसके बाद मौके पर गए तो बच्ची का हाल बेहाल था। जिसे जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। जहां मेडिकल किया गया।
आरोपियों को गिरफ्तार करने में जुटी पुलिस: महिला सेल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश शर्मा ने बताया कि नाबालिग पीड़िता के द्वारा नामजद दो युवकों के खिलाफ जबरन अपहरण कर गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया है। जिसमें उसने दो युवकों द्वारा बाइक पर जबरन बिठा कर ले गए और रेप करने के बाद राजमार्ग किनारे चाय की एक दुकान पर छोड़ने का मामला दर्ज कराया है। लड़की का मेडिकल करवाकर फिजिकल एविडेंस ले लिए हैं। जांच की जा रही है। दोनों युवकों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम का गठन कर कार्रवाई की जा रही है।
मैं गरीब हूं, कौन सुनेगा: पीड़िता का पिता चिकित्सालय, महिला पुलिस थाने में व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बस एक ही बात कह रहा था मैं गरीब आदमी हूं। मेरी कौन सुनेगा। न्याय नहीं मिला तो जी नहीं पाएंगे। आरोपियों को ऐसी सजा मिले कि आगे से कोई भी किसी की बच्ची का अपहरण नहीं कर सके। वह तो मजदूरी कर परिवार को गुजर-बसर करता है।