
लालसोट. राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के तत्वावधान में स्पॉट बिलिंग का विरोध करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा सख्ती दिखाने के बाद अब विवाद गहरा गया है। तकनीकी सहायकों ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार सुबह से ही कोथून रोड स्थित निगम कार्यालय कार्यालय पर सहायक अभियंता कार्यालय प्रथम व द्वितीय के सभी तकनीकी सहायक धरने पर बैठ गए।
गौरतलब है कि शुक्रवार को निगम अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए दो तकनीकी कर्मचारियों को निलंबित करते हुए अन्य कर्मचारियों को 24 घंटे में काम पर लौटने के निर्देश भी दिए थे।
धरने में राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन की लालसोट शाखा के अध्यक्ष धनराज मीना समेत कई पदाधिकारियों ने कहा कि निगम के अधिकारी उन्हें जबरन स्पॉट बिलिंग के कार्य में लगा रहे हैं, जबकि उनका कार्य लाइनों व फाल्ट को दुरुस्त करना है।
उन्होंने कहा कि सभी सहायकों ने कई दिनों से अपने काम का बहिष्कार कर रखा है और अब अधिकारियों द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्रवाई के बाद उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है। निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने सहित उनकी दूसरी मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन जारी रहेगा। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी ठप कर देंगे।
नहीं हो सकी वार्ता
दोपहर में लालसोट थाना प्रभारी राजेन्द्र मीना भी निगम कार्यालय पहुंचे और कहा कि वे कानून व्यवस्था को भंग किए बिना शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करें। दोपहर करीब दो बजे निगम के एसई एनएस गेरसिया, एक्सईएन वीके अग्रवाल, सहायक अभियंता खेमराज बसवाल एवं रामनिवास मीना भी निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए तकनीकी सहायक अपनी मांगों के लिए एक प्रतिनिधिलमंडल भेज दे, लेकिन सहायकों ने कहा कि निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने के बाद ही वार्ता होगी। इसके चलते कोई हल नहीं निकल सका।
बाद में राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसई को ज्ञापन देते हुए निलंबित कर्मचारियों को तत्काल बहाल करने, प्रत्येक फीडर पर दो हेल्पर लगाने, एक्सईएन वीके अग्रवाल को तत्काल निलंबित करने, विद्युत बिलिंग कार्य दो माह का ही करने समेत कई मांग की। (नि.प्र.)