दौसा

मानपुर थाने का घेराव, दौसा में कलक्ट्रेट पर हंगामा

तीन थानों की पुलिस ने किया कालवान सरपंच के भाई को गिरफ्तार, मचा बवाल

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Jan 25, 2021
कलक्ट्रेट में प्रवेश करने का प्रयास करती महिलाओं को धकलते पुलिसकर्मी।

दौसा. मानपुर. कालवान पहाड़ी में क्रेशर प्लांट पर एक सप्ताह पहले हुई तोडफ़ोड़ व मारपीट को लेकर रविवार तड़के मानपुर पुलिस वृत्ताधिकारी संतराम के नेतृत्व में मानपुर, सिकंदरा व मेहंदीपुर बालाजी थानों की पुलिस ने दबिश देकर कालवान सरपंच के भाई प्रकाश मीणा को गिरफ्तार लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। वाहनों में सवार होकर कालवान सरपंंच मीरा मीना के नेतृत्व में सैकड़ों महिला व पुरुष पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए थाने पहुंच गए। करीब दो घंटे तक थाने का घेराव व प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणोंं ने राष्ट्रीय राजमार्ग 21 को जाम करने का प्रयास भी किया। लेकिन पुलिस के सख्त रवैये के चलते हटना पड़ा। बाद में ग्रामीणों ने दौसा कूच कर दिया। जिला कलक्ट्रेट के अंदर घुसने को लेकर हंगामा हो गया।
पुलिस ने ग्रामीणों को कलक्ट्रेट के अंदर जाने से रोकने के लिए मुख्य गेट बंद किया तो महिलाएं गेट पर चढ़ गई। जबरन अंदर घुसने को लेकर धक्का-मुक्की भी हुई। छिना-झपटी होने व नीचे गिरने से दो-तीन महिलाओं के चोट भी आई। इसके बाद राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और एएसपी अनिलसिंह चौहान सहित अन्य अधिकारियों को बुलाकर वार्ता कराई। ग्रामीण देर शाम तक डॉ. किरोड़ी के साथ धरने पर बैठे रहे।

धरने पर बैठे थे ग्रामीण
कालवान में अवैध खनन को लेकर एक पखवाड़े से ग्रामीण धरने पर बैठे हुए थे। उन्होंने बताया कि अवैध क्रेशरों व खनन के खिलाफ आवाज उठाने के कारण सरपंच के भाई को पुलिस ने गिरफ्तार किया। राजस्व व खनिज विभाग ने भी आबादी व सरकारी भूमि पर क्रेशर संचालकों ने अवैध रूप से कब्जा करने को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई की है। पुलिस ने सरपंच के भाई को गिरफ्तार कर लिया, जबकि के्रशर मालिकों पर दर्ज मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस पर उठाए सवाल
बवाल के बाद महिलाओं ने डॉ. किरोड़ीलाल मीना के समक्ष पुलिस पर अभद्रता व पक्षपात करने सहित कई आरोप लगाए। इस पर डॉ. किरोड़ी ने कहा कि जिला कलक्टर से मिलने महिलाएं अंदर जाना चाहती थी, लेकिन पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की की। इस तरह का रवैया बर्दाश्त नहीं होगा। वहीं हंगामे के दौरान महिलाओं का सामना करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों के नजर नहीं आने पर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हुए।

Published on:
25 Jan 2021 05:04 am
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