Thousands of passengers waiting for trains to run- प्रतिदिन यात्रा करने वालों को हो रही परेशानी
बांदीकुई. कोरोना के कारण पिछले सात महीने से नियमित ट्रेनों के संचालन नहीं होने के कारण रोजगार में भी ब्रेक लग गया हैं। बांदीकुई में लॉकडाउन से पहले नियमित करीब 70 ट्रेन चलती थी। इनमें बांदीकुई जंक्शन से करीब दस हजार लोग जयपुर, अलवर, भरतपुर की ओर अपडाउन किया करते थे, लेकिन नियमित ट्रेन नहीं चलने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Thousands of passengers waiting for trains to run
वहीं रोजगार को लेकर दिहाड़ी मजदूरों पर तो आॢथक संकट भी मंडराने लगा हैं। यात्रा के लिए तो आम और खास हर कोई ट्रेनों के नियमित संचालन की बाट जोहता नजर आता है। हांलाकि रेल प्रशासन ने त्योहारी सीजन को देखते हुए कुछ ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी देते हुए कुछ राहत दी है, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा बराबर साबित हो रही। संचालित ट्रेनों में केवल रिजर्वेशन करवाकर ही लोग यात्रा कर सकते हैं। त्योहार सीजन में चलने वाली ट्रेनों में 30 नवंबर तक ही यात्रा कर सकेंगे।
मात्र तीन ट्रेनों का संचालन ही रोजाना
अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुए कई माह अब निकल गए हैं, लेकिन अब तक महज तीन जोडी़ ट्रेन ही नियमित शुरू हो सकी हैं। इनमें दस हजार यात्री भार वाले बांदीकुई जक्शन से महज इन ट्रेनों में केवल सैकड़ों यात्री ही यात्रा कर पा रहें हैं। आश्रम एक्सप्रेस (नियमित), इलाहाबाद एक्सप्रेस (नियमित), मरूधर एक्सप्रेस (नियमित), उदयपुर हरिद्वार (त्रिसप्ताहिक), जयपुर चंडीगढ़(त्रिसप्ताहिक), पोरबंदर (त्रिसप्ताहिक), बीकानेर कोलकाता(सप्ताहिक) ही संचालित है।
रिजर्वेशन की अनिवार्यता बनी बाधा
एमएसटी धारक यात्रियों के लिए सबसे बड़़ी बाधा इन ट्रेनों में रिजर्वेशन करवाना हैं। यात्रियों के लिए रिजर्वेशन करवाना जेब पर भी भारी पड़ रहा हैं। आखिर रोजाना कामगार लोगों रिजर्वेशन के लिए कई गुना रुपए देने पड़ते हैं। ऐसे में दिहाडी़ मजदूर के लिए आरक्षण कराना मुश्किल हैं। वहीं चल रही ट्रेनों में त्योहारी सीजन के चलते तुरंत आरक्षण मिलना भी कठिन हो रहा है। हालांकि अभी चली मरूधर एक्सप्रेस व बीकानेर कोलकाता में यात्री सीटें खाली चल रही हैं।
आमजन को सामान्य टिकट से यात्रा का इंतजार
आमजन बिना रिजर्वेशन से सामान्य टिकट पर ट्रेनों में यात्रा करने की बांट जोह रहा हैं। अनलॉक की प्रक्रिया के बाद बसों का संचालन पूरी तरह शुरू हो चुका हैं। लेकिन ट्रेनों को फिर से शुरू नहीं करने से इनमें यात्रा करने वाले यात्री मायूस हैं। अब यदि सामान्य टिकट से रेलगाडिय़ां में फिर से यात्रा शुरू हो सके तो आमजन को बडी़ राहत मिलगी। हालांकि कोरोना महामारी को लेकर रेलवे को और बदोबस्त करने होंगे। (ए.स./ग्रामीण)
Thousands of passengers waiting for trains to run