शव नहीं लेने पर अड़े लोग: हाइवे निर्माण कंपनी द्वारा अवैध खुदाई कर गहरी कर दी थी तलाई
भाण्डारेज(दौसा). ग्राम पंचायत रलावता के ग्राम रानीवास में शुक्रवार को एक्सप्रेस हाइवे के निर्माण के चलते बनाई गई अवैध तलाई में डूबने से 2 बच्चों की मौत हो गई। दौसा सहित जयपुर से आई एसडीआरएफ टीम ने चार घण्टे की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाल जिला चिकित्सालय पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को लेने से मना कर निर्माण कम्पनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। जानकारी के अनुसार अभिषेक (12) पुत्र हनुमान गुर्जर व राहुल (13) पुत्र सीताराम तलाई के पास ही बकरी चराने आए थे। तभी एक बच्चा नहाने के लिए तलाई में कूद गया।
जब वह बचाने की पुकार करने लगा तो पास ही खड़ा दूसरा बच्चा भी कूद गया, लेकिन तलाई करीब 30 फीट गहरी होने व उसमें करीब 15 फीट पानी होने के कारण दोनों ही बच्चे डूब गए। जिसमें अभिषेक के शव को तो करीब दो घण्टे की मशक्कत के बाद निकाल लिया गया, लेकिन राहुल का शव नहीं मिल पाया। इसके चलते जयपुर से आई एसडीआरएफ की टीम ने आधुनिक संसाधनों से करीब चार घण्टे बाद दूसरे बच्चे का शव निकाला। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। मृतक के परिजनों को ग्रामीणों ने ढांढस बंधाया।
दूसरी ओर तलाई की 30 फीट गहरी खुदाई को लेकर ग्रामीणों ने जिले के अधिकारियों को जमकर आड़े हाथ लिया, वहीं स्थानीय कर्मचारियों को तो खरी-खोटी तक सुनाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने आंखें मूदकर, नियमों को ताक में रखकर निर्माण एजेन्सी की पैरवी कर मनमर्जी से इस तरह की तलाई खुदवाई है। इस दौरान पुलिस सीओ दौसा नरेन्द्र कुमार, तहसीलदार सोनम मीना, विकास अधिकारी नाहरसिंह मीना, नायब तहसीलदार भानुप्रताप सिंह सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। उपखण्ड अधिकारी पुष्कर मित्तल ने बताया कि इस तरह की इतनी गहरी तलाई की खुदाई जांच का विषय है। इसके लिए खनिज विभाग के अधिकारियों व काश्तकारों से जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।