गंगा दशहरे के शुभ मुहूर्त पर शादियों की भरमार, लॉकडाउन में मिली ढील का फायदा उठा सकते हैं लोग, ग्रामीण इलाकों में अनुमति बिना ही आयोजन की तैयारी
दौसा. प्रदेश सहित जिले में लॉकडाउन में रियायतें मिलती ही कोरोना को लेकर बरती जा रही सतर्कता गायब हो गई है। बाजारों सहित अन्य जगह कोविड अनुकूल व्यवहार को दरकिनार किया जा रहा है। सरकार ने भले ही 30 जून तक शादी-समारोह का आयोजन नहीं करने की अपील कर रखी हो, लेकिन लोग अब मान नहीं रहे। घर पर ही 11 लोगों की मौजूदगी में विवाह करने की छूट मिली होने के चलते आगामी 20 जुलाई को देवशयन से पूर्व एक माह के भीतर एक दर्जन सावों पर शादियों की भरमार होने की तैयारी चल रही है।
चिंता की बात यह है कि 11 लोगों के नियम को ताक पर रखकर सामान्य तरह से शादियां करने की तैयारियां ग्रामीण इलाकों में चल रही है। खेतों व खाली भूखण्डों में शामियाना लगाकर वैवाहिक कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गई है। 20 जून को गंगा दशहरे के शुभ मुहूर्त पर बड़ी संख्या में शादियां होने जा रही है। ये ही वजह है कि जब से बाजार खुले हैं, तभी से भीड़ का आलम बना हुआ है।
गौरतलब है कि जिले में कोरोना की दूसरी लहर के भयावह होने के पीछे शादियों में नियमों की अवहेलना बड़ा कारण चिकित्सा विशेषज्ञों ने माना था। जून में 20, 22, 23 व 24 व 30 तथा जुलाई में 1, 2, 7, 13, 15 सहित अन्य वैवाहिक मुहूर्त हैं।
मात्र 30 ने दी सूचना
दौसा उपखण्ड कार्यालय में 30 जनों ने 20 जून को गंगा दशहरे पर विवाह आयोजन की सूचना दी है। इसमें दौसा तहसील क्षेत्र में 26 व लवाण क्षेत्र के मात्र 4 विवाह है। जबकि गंगा दशहरे पर इस आंकड़े से कई गुना अधिक विवाह होने का अनुमान है। 20 जून को रविवार होने के चलते गुपचुप में विवाह निपटाने की तैयारी चल रही है।
शादियों को लेकर तय नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। 11 लोग ही अनुमत होंगे। संबंधित अधिकारियों को निगरानी के लिए पाबंद किया गया है।
पीयुष समारिया, जिला कलक्टर दौसा