High Court Order : हल्द्वानी के बनभूलपुरा दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को करीब दो साल से अधिक समय बाद आज हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। जल्द ही अब्दुल मलिक जेल से बाहर आ जाएगा। आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे।
High Court Order : हल्द्वानी के बनभूलपुरा में आठ फरवरी 2024 को अतिक्रमण हटाने के दौरान भीषण दंगा भड़क गया था। दंगाइयों ने पुलिस थाने में आग लगा दी थी। कई वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था। स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस को गोलिया चलानी पड़ी थी। दंगाइयों ने भी पुलिस, प्रशासन की टीम पर पेट्रोल बम और अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। दंगे में कई लोगों की मौत हुई थी। साथ ही पुलिस, प्रशासन और मीडिया के करीब 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। उसके बाद कई दिनों तक हल्द्वानी में कर्फ्यू लगा दिया गया था। बाद में पुलिस ने दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक सहित करीब 96 लोगों को यूपी और उत्तराखंड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा और आलोक मेहरा की खंडपीठ में सुनवाई हुई। तमाम तत्थों को देखत हुए हाईकोर्ट ने आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत मंजूर कर दी है।
बनभूलपुरा दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को आज हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। बता दें कि हाईकोर्ट ने पिछली तिथि में अब्दुल मलिक के खिलाफ सात मुकदमों की जानकारी मांगी थी। पूछा था कि मलिक कितने मामलों में बरी हो चुके हैं और कितने केस विचाराधीन हैं। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि जांच के दौरान इन मुकदमों के अलावा सात अन्य केस दर्ज होने की पुष्टि हुई है। आरोपी कई मामलों में बरी हो चुका है। अन्य मुकदमों की पुष्टि नहीं होने के चलते हाईकोर्ट ने अब्दुल मलिक को दंगे वाले मुकदमे से जमानत देने के आदेश जारी किए।
दंगे के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे। उस पर सरकारी भूमि खुर्द बुर्द करने के साथ ही शासकीय कार्य में बांधा डालने का भी आरोप लगा था। बनभूलपुरा दंगे के समय आरोपी के खिलाफ चार केस दर्ज हुए थे। उनमें एक मामला कूट रचित दस्तावेजों से सरकारी भूमि को हड़पने का भी था। नजूल भूमि पर कब्जा करके प्लॉटिंग, अवैध निर्माण करके उसे बेचने का भी आरोप था।