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नई व्यवस्था : सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर भी करेंगे इलाज, उत्तराखंड में स्पेशलिस्ट की कमी होगी दूर

New Initiative : प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब निजी स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी नहीं खलेगी। सरकार निजी डॉक्टरों से इसके लिए विशेष करार कर रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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देहरादून

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Naveen Bhatt

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Updated: 16 Apr 2026, 8:46 AM IST

Private doctors will also treat patients in government hospitals in Uttarakhand

उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर भी मरीजों का इलाज करेंगे

New Initiative : सुपर स्पेशलिस्ट या स्पेशलिस्ट की कमी के कारण सरकारी अस्पतालों से मरीजों को हायर सेंटर करने वाली प्रथा से निजात मिलने वाली है। उत्तराखंड के जिला अस्पतालों में सरकार ने इस कमी को दूर करने का विकल्प खोज लिया है। बता दें कि उत्तराखंड के तमाम अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद खाली चल रहे हैं। इसके कारण आए दिन मरीजों को हायर सेंटर करने के मामले सामने आ रहे हैं। कई बार मरीजों को परिजन सुविधा संपन्न निजी अस्पातालों में भी भर्ती करा रहे हैं, जहां उन्हें भारी भरकम बिल चुकाना पड़ता है। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जनता त्रस्त है। इसी को देखते हुए सरकार ने नया फार्मुला तैयार कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश पर प्रदेश के जिला अस्पतालों में यह व्यवस्था शुरू होने जा रही है। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को इससे बड़ा लाभ मिल सकता है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री को दून अस्पताल में कुछ विभागों में डॉक्टरों की कमी बताई गई, तो उन्होंने ऐसी योजना शुरू करने की जानकारी दी। कहा कि सभी जिला अस्पतालों में इसे लागू करवा रहे हैं। इससे पहाड़ के जिलों में मरीजों को काफी लाभ होगा।

निजी डॉक्टरों को ऐसे होगा भुगतान

सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर बुलाने पर सरकार उन्हें भुगतान करेगी। निजी डॉक्टरों से अनुबंध करके उन्हें विजिट एवं सर्जरी के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। अस्पतालों में न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी, ऐनेस्थीसिया, गायनी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, बर्न एवं प्लास्टिक, स्किन, साइकेट्री समेत विभिन्न विषयों में डॉक्टरों की कमी बनी है। इस अव्यस्था का दंश मरीजों को झेलना पड़ता है। अब नई व्यवस्था शुरू होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में नहीं भटकना पड़ेगा। उन्हें सरकारी अस्पतालों में ही मुफ्त उपचार मिलने  लगेगा।

डॉक्टरों को पहाड़ भेजने के लिए मांगे विकल्प

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पर मैदानों के मेडिकल कॉलेजों एवं अन्य अस्पतालों में तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों को छह माह के लिए वहां भेजा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश पर पहले चरण में स्वेच्छा से डॉक्टरों से विकल्प मांगे जा रहे हैं। इधर, दून अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर कोरोनेशन अस्पताल में अपना सहयोग देंगे। प्राचार्य डॉ. गीता जैन की पहल पर ऐसा होने जा रहा है। एक डॉक्टर यहां पर बनी कैथलैब में एंजीयोप्लास्टी एवं ओपीडी में एक दिन सेवा दे सकते हैं। अभी इस पर फाइनल मुहर लगनी बाकी है।

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