
Uttarakhand Dalit youth murder case : दलित युवक मर्डर मामले में 4 युवकों को किया गया गिरफ्तार, PC- ANI
टिहरी गढ़वाल(Uttarakhand Dalit youth murder case) : उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की कथित हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। टिहरी गढ़वाल की पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्वेता चौबे ने गुरुवार को बताया कि यह कार्रवाई फोरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर की गई है।
एसपी ने बताया कि 8 अगस्त को लंबगांव थाने में एक युवक की हत्या की सूचना मिली थी। मृतक के पिता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एक सर्किल अधिकारी (सीओ) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई।
जांच अधिकारी ने घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। शिकायत में नामजद किए गए आरोपियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले यशवीर और विद्या सिंह पंवार को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, आगे की जांच के दौरान अतिरिक्त गवाहों के बयान दर्ज किए गए और विभिन्न फोरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया, जिसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई।
एसपी श्वेता चौबे ने बताया कि एक महत्वपूर्ण गवाह के बयान के आधार पर गुरुवार को सुमित प्रसाद गौड़ और सचिन पंवार को भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
वहीं, मृतक के परिजनों का आरोप है कि केतन लाल को एक नाबालिग ऊंची जाति की लड़की से दोस्ती के कारण प्रताड़ित और पीटा गया था। उनका दावा है कि मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
केतन की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती थी। लड़की के फोन से ही केतन को फोन आया और उसे मिलने के लिए बुलाया। केतन अपने दोस्त दिवाकर डिमरी के साथ अपनी दोस्त से मिलने पहुंचा। यहां पर नाबालिग के परिजनों ने केतन और दिवाकर को लड़की के साथ देखकर पकड़ लिया। दोनों को बंधक बनाकर पूरी रात पिटाई की।
केतन के पिता धनपाल ने बताया कि आठ जून की सुबह उन्हें एक फ़ोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम यशवीर सिंह पंवार बताया। धनपाल ने बताया कि घटना वाली रात केतन रोज की तरह ही अपने कमरे में सोने चला गया। इसके बाद उन्हें नहीं पता चला कि कब केतन घर से निकला और बाहर चला गया।
धनपाल ने आगे कहा कि अगले दिन सुबह उन्हें यशवीर सिंह पंवार का फ़ोन आया। उनके मुताबिक़, फोन पर कहा गया कि केतन के हाथ-पांव तोड़ दिए गए हैं। मैं अपने बेटे को जब लेने पहुंचा तो केतन और दिवाकर डिमरी घायल अवस्था में पड़े हुए थे। वहीं केतन गंभीर रूप से घायल था। हम दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन, केतन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं दिवाकर का इलाज चल रहा है।
Updated on:
11 Jun 2026 04:44 pm
Published on:
11 Jun 2026 03:25 pm
