16 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Yellow Alert : भयंकर आंधी मचाएगी आफत, आज रात से 21 अप्रैल तक उत्तराखंड में बारिश की चेतावनी

Yellow Alert : मौसम आज रात से फिर करवट बदल सकता है। मौसम विभाग ने आज से 21 अप्रैल तक राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। साथ ही कल से अगले तीन दिन कई जिलों में तेज अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का यलो अलर्ट भी जारी किया है।

2 min read
Google source verification
An alert has been issued for rain, thunderstorm and lightning in various districts of Uttarakhand from tonight till April 21

उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आज रात से बारिश के आसार हैं

Yellow Alert : मौसम फिर से भयानक रूप दिखाने को आतुर है। बता दें कि इन दिनों उत्तराखंड में मौसम साफ होने से चटख धूप खिल रही है। दिन में गर्मी सताने लगी है। लोग पंखे, एसी और कूलर का प्रयोग कर गर्मी से राहत पाने में जुटे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर पर्वतीय इलाकों में मौसम सुहावना होने से पयर्टकों की भीड़ उमड़ी हुई है। पहाड़ में सुबह, शाम और रात के वक्त अब भी ठंड बरकरार है। इधर, आईएमडी के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ भू-मध्य सागर और उसके आसपास के निचले और ऊपरी क्षोभमंडीलय स्तर के बीच चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दिख रहा है। इसके असर से आज रात से अगले 21 अप्रैल तक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने 17 से 19 अप्रैल तक उक्त पांच जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक राज्य में चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में आज से 21 अप्रैल तक बर्फबारी भी हो सकती है।

तीन डिग्री तक बढ़ेगा पारा

उत्तराखंड के पांच जिलों में बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन-चार दिनों तक अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे तीन डिग्री तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है। हालांकि आज तापमान में कोई खास बदलाव आने की संभावना नहीं है। बता दें कि उत्तराखंड में पिछले दिनों झमाझम बारिश हुई थी। उस बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृति जलस्रोत रिचार्ज हुए हैं। साथ ही वनाग्नि की घटनाएं भी थमी है। आगे गर्मी पड़ने पर राज्य मे पेयजल किल्लत हो सकती है। साथ ही जंगलों में आग की घटनाएं भी बढ़ने की संभावना है। वनाग्नि पर अंकुश लगाने के लिए शासन स्तर से तैयारियां चल रही हैं।