Elevated Road Project : राजधानी को जाम के झाम से आजादी दिलाने के लिए 1700 करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड रोड बनाने का काम शुरू होने वाला है। एनएचएआई ने एलिवेटेड रोड के लिए डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
Elevated Road Project : राजधानी को जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। बता दें कि देहरादून में जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे निपटने के लिए अब सरकार आईएसबीटी से मोहकमपुर तक एलिवेटेड सड़क बनाने जा रही है। 1700 करोड़ रुपये लागत की यह परियोजना देहरादून को जाम की भीषण समस्या से राहत दिलाएगी। पूर्व में केवल मोहकमपुर से रिस्पना तक दो किमी एलिवेटेड सड़क बनाने की तैयारी थी। इसका डिजाइन एनएच निर्माण खंड डोईवाला ने दो साल पहले तैयार कर लिया था। चार महीने पहले ही सरकार ने आईएसबीटी से रिस्पना होते हुए मोहकमपुर तक पूरा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया था। अब इस परियोजना की जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंपी गई है। उसने डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना की लागत 1700 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एलिवेटेड सड़क कॉरिडोर 12.5 किमी का होगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक सौरभ सिंह के मुताबिक आईएसबीटी से मोहकमपुर तक की दूरी साढ़े 12 किमी है। इसमें ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड होगा। कुछ स्थानों पर जंक्शन बनाने के लिए सड़क का ही चौड़ीकरण किया जाएगा। यह परियोजना दून शहर के लिए संजीवनी साबित होगी। वर्तमान में मोहकमपुर से आईएसबीटी के बीच विशेषकर मोहकमपुर और रिस्पना के बीच जाम की गंभीर समस्या रहती है। पीक सीजन में यहां जाम से पार पाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे बनने के बाद ट्रैफिक का दबाव और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इस परियोजना का धरातल पर उतरना बेहद जरूरी है।
इस परियोजना से शहरवासियों और पर्यटकों को राहत मिलेगी वहीं, एलिवेटेड रोड के दोनों ओर स्थित व्यापार पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मोहकमपुर से आईएसबीटी तक सड़क के दोनों ओर कई बड़े होटल, कॉम्प्लेक्स, अस्पताल और शॉपिंग मॉल स्थित हैं। इनके भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। इधर प्रोजेक्ट निदेशक के मुताबिक आईएसबीटी से मोहकमपुर तक फोरलेन एलिवेटेड सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। परियोजना की लंबाई साढ़े बारह किमी है। अभी शुरुआती चरण में लागत 1700 करोड़ आंकी गई है। जल्द ही डीपीआर तैयार सरकार को भेजी जाएगी। मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।