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आईपीएस और एसओ कर्नल की कोठी ढहाने के दोषी करार, कार्रवाई की तैयारी

Police Authority's Decision : कर्नल की बुजुर्ग विधवा की कोठी ध्वस्त करने और लूटपाट के मामले में तत्कालीन एसएसपी (अब डीआईजी) और तत्कालीन थाना प्रभारी को दोषी करार पाया गया है। राज्य पुलिस प्राधिकरण ने दोनों के ही खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी है।

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The police authority has found IPS Janmejay Khanduri and the then station in-charge guilty in the case of demolition of the bungalow of the colonel's widow

पुलिस प्राधिकरण ने आईपीएस जन्मेजय खंडूरी और तत्कालीन एसओ को दोषी करार दिया है

Police Authority's Decision : कर्नल की बुजुर्ग विधवा की कोठी ढहाने और लूटपाट के मामले में आईपीएस और तत्कालीन एसओ पर कार्रवाई की होगी। राज्य पुलिस प्राधिकरण ने क्लेमनटाउन क्षेत्र में कर्नल की बुजुर्ग विधवा कुसुम कपूर की कोठी ध्वस्त करने और लूटपाट के मामले में देहरादून के तत्कालीन एसएसपी जनमेजय खंडूड़ी तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र गहलावत (अब इंस्पेक्टर) को कार्रवाई नहीं करने का दोषी माना है। प्राधिकरण ने गृह विभाग से दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। वहीं, मामले में हीलाहवाली और लीपापोती को गंभीर माना है। कर्नल विनोद कुमार कपूर की विधवा कुसुम कपूर ने 2022 की इस घटना में प्राधिकरण में तत्कालीन एसएसपी जनमेजय खंडूरी, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, तत्कालीन सीओ सदर नरेंद्र पंत, थाना प्रभारी नरेंद्र गहलावत, उप-निरीक्षक शोएब अली, कांस्टेबल दीपक कुमार और सोहन खत्री को आरोपी बनाया था। कुसुम कपूर (69) ने बताया था कि वह मानसिक दिव्यांग बेटी के साथ क्लेमनटाउन में रह रही हैं। उनका आरोप है 12 जनवरी 2022 को मकान गिराने व लूटपाट की घटना के बाद पुलिस ने उनकी मदद नहीं की। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस मामले की विभागीय जांच पहले ही हरिद्वार ट्रांसफर कर दी गई थी। इसमें पुलिस कर्मचारियों को निर्दोष करार दिया जा चुका है। इस मामले में अब पुलिस प्राधिकरण ने तत्कालीन एसएसपी और एसओ को दोषी करार दिया है।

अफसरों की मौजूदगी में तोड़ी गई थी कोठी

कर्नल की विधवा कुसुम कपूर के परिवार में उनकी 40 वर्षीय अविवाहित पुत्री टीना कपूर मानसिक दिव्यांग हैं। यह संपत्ति उनके दिवंगत पति के मामा डॉ. मोहिन्दर मलिक की है। उनका परिवार जर्मनी में है। कुसुम ने बताया था कि वह उस दिन नोएडा गई थीं। सुबह अमित यादव नामक व्यक्ति ने हथियारबंद बदमाशों और जेसीबी के साथ उनके घर पर हमला किया। घर का सामान लूट लिया। जेसीबी से मकान को ढहाना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। तत्कालीन एसएसपी जनमेजय खंडूरी और सीओ सदर नरेंद्र पंत ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

जानें कौन हैं जन्मेजय खंडूरी

जन्मेजय खंडूरी उत्तराखंड कैडर के 2007 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। खंडूरी अपनी कड़क छवि के चलते देहरादून सहित विभिन्न जिलों में एसएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दे चुके हैं। कुछ समय पहले ही वह डीआईजी बने थे। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी खंडूरी कुंभ मेला पुलिस और एटीएस जैसे चुनौतीपूर्ण विभागों में भी काम कर चुके हैं।