त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा पर देहरादून में 9 दिसंबर को जानलेवा हमला हुआ। इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई।
Anjel Chakma Post Mortem Report: त्रिपुरा के 24 साल के छात्र एंजेल चकमा की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। देहरादून में पढ़ाई करने वाले एंजेल पर हमला हुआ था और अब 13 दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट 10 जनवरी को सामने आई, जिसमें साफ हुआ कि उसकी मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि एंजेल को बहुत बेरहमी से पीटा गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि एंजेल के शरीर पर कई जगहों पर चोटों के गहरे निशान थे। गर्दन के दाहिने हिस्से में गहरा घाव मिला। पीठ और रीढ़ की हड्डी को बहुत नुकसान पहुंचा था। रीढ़ की हड्डी के कई हिस्सों में फ्रैक्चर (टूटना) पाया गया। पेट और कंधों पर भी चोटों के निशान थे। इन चोटों की वजह से एंजेल की हालत लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान रीढ़ में इंप्लांट भी लगाए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
एंजेल चकमा त्रिपुरा का रहने वाला था और देहरादून के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। 9 दिसंबर को कुछ स्थानीय युवकों ने उस पर जानलेवा हमला किया। हमले में उसे इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसकी हालत बहुत गंभीर हो गई। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में ही मारपीट की बात सामने आ गई थी, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी सच्चाई सामने ला दी है कि सिर, गर्दन और पीठ पर किए गए हमलों ने ही उसकी जान ली।
मामले में कुल 6 लोगों पर आरोप लगा था। पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस का कहना है कि इसी फरार आरोपी ने एंजेल पर सबसे ज्यादा खतरनाक और जानलेवा हमला किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम घोषित कर दिया है। मामले की जांच अब SIT कर रही है। SIT का कहना है कि सिर और पीठ पर किए गए हमलों की वजह से ही एंजेल की मौत हुई। यह घटना न सिर्फ त्रिपुरा और उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस फरार आरोपी को जल्द पकड़ने का दावा कर रही है।