
Ankita Bhandari Murder Case News: अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर देशभर में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए हैं। इस धरने के बाद सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। इस बीच, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। आखिर अंकिता हत्याकांड में दुष्यंत गौतम का नाम क्यों उछल रहा है और क्या है पूरा VIP विवाद, आइए विस्तार से जानते हैं।
हरीश रावत ने अंकिता भंडारी के माता-पिता के इंडिया गेट पर चल रहे धरने को लेकर कहा कि यह पूरी स्थिति बेहद निंदनीय है और इसकी जितनी निंदा की जाए, वह कम है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इसका सीधा मतलब है कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब पूरी तरह से खतरे में है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि एक ऐसी सरकार जो एक पीड़ित माता-पिता के आंसुओं, उनके मूल्यों और उनकी भावनाओं को नहीं समझ सकती, वह ऐसी स्थिति को जन्म लेने दे रही है।
अपने बयान में हरीश रावत ने सिक्किम के उन युवाओं का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा, "मैं सिक्किम के युवाओं को विरोध में आवाज उठाने और हमारी हिमालयी एकता को मजबूत करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। उनके इस कदम ने इस भावना को पुष्ट किया है कि हिमालय के एक हिस्से की बेटी, हिमालय क्षेत्र के हर दूसरे हिस्से की बेटी है।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बीते 12 अक्टूबर, 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था। इस नियुक्ति के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने उपवास का ऐलान किया। वहीं इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि चार साल से परिवार को इंसाफ नहीं मिला लेकिन एक VIP आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का ईनाम जरूर मिल गया। उन्होंने कहा कि महिला विरोधी भाजपा से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।
यह पूरा विवाद दिसंबर 2025 में तब शुरू हुआ जब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अंकिता केस से जुड़े उस वीआईपी के बारे में पूरी जानकारी है जिसकी लंबे समय से तलाश है। उन्होंने एक ऑडियो भी शेयर किया जिसमें गट्टू नाम का जिक्र था। सियासी गलियारों में इस नाम को तत्कालीन भाजपा महासचिव दुष्यंत गौतम से जोड़ दिया गया। हालांकि बाद में सुरेश राठौर ने इस ऑडियो को एआई से बना हुआ बताकर फर्जी करार दिया। दुष्यंत गौतम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर मानहानि का मुकदमा किया जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें VIP बताने वाली सभी सामग्री हटाने का आदेश दिया था।
वीआईपी एंगल पर बढ़ते बवाल को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। वहीं ताजा विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर अपनी सफाई पेश की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने दावा किया है कि घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की जांच के लिए SIT का गठन हुआ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया और अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा भी सुना दी है।
दिल्ली के मल्कागंज में जन्मे दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा के वरिष्ठ और कद्दावर नेता हैं। उन्होंने दिल्ली की स्थानीय राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। राज्यसभा सांसद रह चुके दुष्यंत गौतम को अब सिक्किम के राज्यपाल की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है जिसे लेकर अंकिता का परिवार विरोध जता रहा है।