
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल (फोटो सोर्स: X/@divyamittal_IAS)
Former IAS Divya Mittal: उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने आखिरकार अपने सियासी भविष्य को लेकर बड़ा खुलासा कर दिया है। किसी भी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल होने की तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाने का बड़ा ऐलान किया है। दिव्या मित्तल ने मीडिया और जनता के सामने स्पष्ट करते हुए कहा कि, "मैं अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बना रही हूं जिसका नाम 'जननीति भारत' रखा गया है।" उन्होंने साफ कर दिया है कि वह किसी अन्य नेता या दल के पीछे चलने के बजाय अपने विजन और अपनी शर्तों पर जनता की सेवा करेंगी।
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जब उन्होंने पहली बार राजनीति में आने की बात कही थी, तब लोगों से संपर्क के लिए एक नंबर साझा किया था। उस पर इतने संदेश आए कि व्हाट्सएप ने नंबर रोक दिया। उन्होंने इसके लिए लोगों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि जनता से मिले संदेशों ने उन्हें आगे बढ़ने का भरोसा दिया है। दिव्या मित्तल ने कहा, "मैं अपनी पार्टी बना रही हूं। आप पूछेंगे कि पार्टियों की कमी है क्या? कमी पार्टियों की नहीं, सुनवाई की है। सुनवाई कुछ की होती है, सबकी नहीं। गंगा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गंगा में हर बूंद बराबर होती है। इसी सोच के साथ वह ऐसी पार्टी बनाना चाहती हैं, जिसमें हर व्यक्ति को बराबर महत्व मिले।"
दिव्या मित्तल ने साफ किया कि 'जननीति भारत' 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य ऐसी सरकार और व्यवस्था के लिए काम करना है, जो 5 साल में केवल चुनाव के दिन ही नहीं, बल्कि हर कदम पर जनता के प्रति जवाबदेह रहे। उन्होंने कहा कि यह अभियान बड़े विज्ञापनों या अधिक पैसे के दम पर नहीं, बल्कि घर घर जाकर चलाया जाएगा। उन्होंने लोगों से इस मुहिम से जुड़ने और इसका संदेश आगे पहुंचाने की अपील की।
पूर्व आईएएस ने अपनी पार्टी के तीन प्रमुख उद्देश्यों को भी जनता के सामने रखा। पहला वचन यह है कि, नीतियों के केंद्र में आम लोग होंगे। किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान उनके जमीनी अनुभवों के आधार पर किया जाएगा। दूसरा वचन यह है कि, कोई भी विकास कार्य या प्रशासनिक फैसला जाति या धर्म देखकर नहीं बल्कि जनता की वास्तविक जरूरत के आधार पर किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा में जनता की सीधी भागीदारी होगी। तीसरा वचन पूरी तरह से पारदर्शिता से जुड़ा है। सरकारी योजनाओं और बजट की हर जानकारी सीधे जनता के मोबाइल पर होगी। लोग स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति को लाल पीले और हरे रंग के जरिए खुद रेटिंग देकर सुधार का हिस्सा बनेंगे।
दिव्या मित्तल का प्रोफाइल बेहद शानदार रहा है। उन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई की है। इसके बाद वह लंदन में कॉरपोरेट सेक्टर में एक बड़े पैकेज वाली नौकरी कर रही थीं। लंदन की शानदार नौकरी छोड़कर वह भारत लौटीं और यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास कर 2013 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं।
अपने 13 साल के लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने मिर्जापुर देवरिया और संत कबीर नगर जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर काम किया। हाल ही में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब नई पार्टी के ऐलान के साथ उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की दिशा स्पष्ट कर दी है। दिव्या मित्तल ने साफ कहा है कि उनकी यह चुनावी लड़ाई किसी बड़े विज्ञापन या पैसे से नहीं बल्कि घर-घर जाकर लड़ी जाएगी।
Updated on:
15 Oct 2026 02:02 pm
Published on:
15 Oct 2026 01:28 pm
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