Outrage : भाजपा विधायक और उनके समर्थकों द्वारा बेसिक शिक्षा निदेशक के साथ बेरहमी से मारपीट प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शिक्षकों के साथ ही विभिन्न विभागों के 53 मान्यता प्राप्त संगठनों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने संयुक्त मोर्चा बनाया है। संगठन ने आज से दो दिनी हड़ताल और 25 फरवरी से ग्राम प्रचायत से लेकर सचिवालय तक कार्यबहिष्कार की चेतावनी दी है।
Outrage : बेसिक शिक्षा निदेशक से दफ्तर में घुसकर मारपीट का प्रकरण तेजी से गरमा रहा है। बता दें कि शनिवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने तमाम समर्थकों और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कल्ली के साथ नूरखेड़ा स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय पहुंच गए थे। वह लोग एक स्कूल का नाम जमीन दान देने वाले के नाम पर कराने की मांग कर रहे थे। उसी दौरान विधायक समर्थकों ने दफ्तर में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। भीड़ ने बेसिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल से मारपीट की थी। अजय नौडियाल के चेहरे पर चार टांके लगे हैं। इस घटना से प्रदेश भर के कर्मचारियों में आक्रोश का माहौल है। रविवार को मोर्चा की करीब छह घंटे चली बैठक में अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने घटनाक्रम को शर्मनाक करार दिया। बैठक में शामिल विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि यह हमला, सिर्फ शिक्षा निदेशक पर नहीं हुआ बल्कि पूरे सरकारी सिस्टम पर किया गया। हमलावरों की यह करतूत प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शासकीय व्यवस्था की गरिमा के खिलाफ है। इससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है। 25 फरवरी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर मोर्चा ने प्रदेश व्यापी कार्यबहिष्कार की चेतावनी भी है।
निदेशक से मारपीट प्रकरण के बाद नवगठित संयुक्त मोर्चा, कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन से मिलेगा। मोर्चा सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए तत्काल एसओपी जारी करने की मांग रखेंगे। साथ ही सभी विभागों में सुरक्षा के लिए पुलिस की व्यवस्था करने की भी मांग रखेंगे।बता दें कि शिक्षा विभाग से जुड़े तमाम अफसर और कर्मचारी जो सीधे बोर्ड परीक्षा से नहीं जुड़े हैं, वह सोमवार से ही कार्यबहिष्कार शुरू कर देंगे। उक्त सभी सुबह अपने दफ्तर में हाजिरी भरने के बाद धरने में शामिल होने के लिए शिक्षा निदेशालय पहुंचेंगे
आंदोलन पर उतारू शिक्षक और कर्मारियों ने छात्र हित को देखते हुए फिलहाल बोर्ड परीक्षा को आंदोलन से अलग रखा गया है। बैठक में तय किया गया कि बोर्ड परीक्षा में लगे शिक्षक एक हफ्ते आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो फिर इस पर निर्णय लिया जाएगा।बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले में कहीं भी लीपापोती हुई और आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अबकी बार कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसा करने वालों के हौसले बुलंद हो जाएंगे।राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि हमला सिर्फ निदेशक पर नहीं हुआ है बल्कि पूरे सरकारी सिस्टम पर हमला किया गया है। हमले से साफ संदेश दिया गया है कि हमलावरों के अनुसार काम नहीं किया गया तो वह कानून को भी हाथ में ले लेंगे।