देहरादून

Char Dham Yatra 2026 : बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरों पर पाबंदी, जानें वजह

Char Dham Yatra 2026 : आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। आज गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई । तय हुआ कि आगामी चारधाम यात्रा सीजन में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरे ले जाने पर पाबंदी लगाई जाएगी। बैठक में यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा पर भी गहन मंथन किया गया।

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Jan 17, 2026
चारधाम यात्रा की तैयारियों लेकर आज अहम बैठक हुई

Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। चारधाम यात्रा का श्रीगणेश 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व से होगा। अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुल जाएंगे। हालांकि चारधाम के कपाट खुलने की आधिकारिक घोषणा बीकेटीसी की ओर से महाशिवरात्रि पर्व पर की जाएगी। अभी चारधाम यात्रा शुरू होने में करीब तीन माह का वक्त शेष है। लेकिन शासन स्तर से चारधाम यात्रा की तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। आज ऋषिकेश ट्रांजित कैंप में चार धाम यात्रा तैयारी को लेकर बैठक की गई। बैठक में गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे के अलावा आईजी राजीव स्वरूप सहित तमाम अधिकारी शामिल हुए। कमिश्नर ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान रीलबाजी के कारण अव्यवस्थाएं बढ़ती हैं। लिहाजा बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन ले जाने पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाय। इसके अलावा केदारनाथ मंदिर परिसर में भी मोबाइल और कैमरे बैन रहेंगे। बैठक में चारधाम यात्रा की सफलताओं, प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर गहन मंथन किया गया। आईजी ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बैठक में पौड़ी, टिहरी, चमोली, हरिद्वार, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के डीएम व एसपी मौजूद रहे।

शीतकालीन यात्रा में उमड़ रहे भक्त

चारधाम यात्रा संपन्न होने के बाद इन दिनों भक्तजन चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों में पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस सीजन में शीतकालीन प्रवास स्थलों  पर अब तक करीब 28 हजार से अधिक श्रद्धालु पूजा अर्चना कर चुके हैं। इन स्थलों पर प्रतिदिन औसतन पांच से छह सौ श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बता दें कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन पूजा प्रवास स्थलों पर होती है। बाबा केदार का शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ में है। अब तक यहां 17 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम की पूजा पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर में होती है।

Updated on:
17 Jan 2026 06:06 pm
Published on:
17 Jan 2026 04:18 pm
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