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टॉल फ्री नंबर हुआ खराब : रसोई सिलेंडर बुकिंग बंद, उपभोक्ता परेशान

Petroleum Crisis : इंडेन का टॉल फ्री नंबर खराब होने से गैस आपूर्ति बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। लोग ऑनलाइन गैस बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच उपभोक्ताओं को तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।

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The Iran-US-Israel war has led to a growing LPG crisis in India

टॉल फ्री नंबर खराब होने के कारण आज लोग गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा पाए

Petroleum Crisis : इंडेन का गैस बुकिंग टॉल फ्री नंबर बंद हो गया है। टॉल फ्री नंबर में खराबी के कारण आज उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में गैस आपूर्ति बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। आज अल्मोड़ा सहित उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों में आईओसी का टॉल फ्री नंबर खराब रहा। बता दें कि इन दिनों ईरान-अमेरिका-इजराइयल युद्ध के चलते गैस और तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। राज्य भर में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। इधर,अल्मोड़ा जिले में भी गैस की किल्लत होने लगी है। आज सुबह जब लोगों ने गैस बुकिंग के लिए टॉल फ्री नंबर पर कॉल करने शुरू किए तो नंबर खराब और व्यस्त आ रहा था। तमाम कोशिशों के बाद भी टॉल फ्री नंबर पर कॉल नहीं लग रही थी। कॉल लगने पर इंडेन की ओर से उपभोक्ताओं को एसएमएस नहीं भेजे जा रहे थे। इसके चलते लोग परेशान रहे। एजेंसी संचालकों ने एस्मा लागू होने और आला अधिकारियों के सख्त निर्देशों का हलावा देते हुए बगैर डीएसी के गैस सिलेंडर देने से साफ मना कर दिया। इससे तमाम उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। इससे लोगों में गुस्सा भी देखने को मिला। इधर, जिला खाद्यपूर्ति अधिकारी करुणा पंत के मुताबिक आज अल्मोड़ा ही नहीं अन्य जिलों में भी टॉल फ्री नंबर खराब होने की शिकायत मिल रही है। उन्होंने बताया कि एस्मा लागू होने के कारण डीएसी बगैर गैस डिलीवरी किसी भी हाल में नहीं की जा सकती है।

एस्मा हुआ है लागू

केंद्र सरकार ने कल ही आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है। ताकि रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति हो सके। सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में दस फीसदी की वृद्धि का आदेश दिया। आदेश के मुताबिक, घरों में पाइप से उपलब्ध कराई जाने वाली गैस और वाहनों के लिए सीएनजी की सौ फीसदी आपूर्ति बरकरार रहेगी। नियमों के अनुसार उर्वरक उद्योग, औद्योगिक इकाइयों को उनकी औसत मांग की 70 से 80 फीसदी गैस उपलब्ध कराई जाएगी। बावजूद इसके लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। भारत ने दूसरे देशों से कच्चा तेल और गैस खरीद शुरू की है।