Char Dham Yatra : उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर अब शुल्क लागू करने की तैयारी। फर्जी बुकिंग रोकने के लिए सरकार सख्त, जानिए क्या होंगे नए नियम।
Char Dham Yatra : देवभूमि उत्तराखंड में होने वाली पवित्र चार धाम यात्रा को लेकर इस बार प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। राज्य सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव का फैसला लिया है। अब श्रद्धालुओं को पंजीकरण के दौरान नाममात्र का शुल्क देना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम मुख्य रूप से फर्जी रजिस्ट्रेशन और स्लॉट ब्लॉक करने की समस्या को रोकने के लिए उठाया जा रहा है। हर साल बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन सामने आते हैं, जिनमें यात्री यात्रा पर पहुंचते ही नहीं, जिससे वास्तविक श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।
गढ़वाल मंडल प्रशासन की ओर से बनाई गई कमेटी इस शुल्क की अंतिम राशि तय करेगी। अधिकारियों का मानना है कि कम से कम 10 रुपये का शुल्क भी फर्जी आवेदनों पर प्रभावी रोक लगा सकता है। कितनी राशी होगी अभी कोई तय नहीं है। कमेटी की रिपोर्ट आने और सरकार से मंजूरी मिलने के बाद फाइनल फीस तय की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क लागू होने से,
चार प्रमुख धाम-
हिमालय की ऊंचाई पर स्थित हैं और हर साल सीमित समय (लगभग मई से अक्टूबर) तक ही दर्शन के लिए खुलते हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण कपाट बंद कर दिए जाते हैं। मान्यता है कि यात्रा यमुनोत्री से शुरू कर गंगोत्री, फिर केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन करने चाहिए। इसे घड़ी की दिशा में पूरी करना शुभ माना जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में हेलीकॉप्टर सेवा और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में सरकार डिजिटल सिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। चार धाम यात्रा जितनी आस्था से जुड़ी है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है। ऊंचाई, मौसम और लंबी पैदल चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालु इसे जीवन की सबसे बड़ी आध्यात्मिक यात्रा मानते हैं।