16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

होली की तिथि इस बार पूरे देश में एक, होलिका दहन के 1 दिन गैप के बाद होगा रंगोत्सव, जानें वजह    

Holi 2026 : इस साल होली की तिथि को लेकर किसी भी प्रकार का संशय नहीं होगा। पूरे देश में एक ही दिन होली मनाई जाएगी। चार साल बाद ये पहला मौका होगा जब पूरे देश में एक ही दिन होली मनाई जाएगी। बड़ी बात ये है कि इस बार होलिका दहन के एक दिन के गैप के बाद होली होगी।

2 min read
Google source verification
This year Holi will be celebrated on the same date across the country

इस बार कुमाऊं मंडल में भी देश के अन्य हिस्सों की तरह होली एक ही तिथि पर मनाई जाएगी

Holi 2026 : पूरे देश में इस साल होली एक ही तिथि पर मनाई जाएगी। चार साल बाद उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में होली (छलड़ी) पूरे देश की तरह एक ही तिथि पर होगी। बता दें कि पंचांग गणना के आधार पर साल 2022 से 2025 तक कुमाऊं क्षेत्र और शेष भारत में होली अलग-अलग तिथियों को मनाई गई थी। अवकाश के अगले दिन होली होने से स्कूली बच्चों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक को भी तमाम परेशानियां उठानी पड़ी। कुमाऊं में होली का अवकाश पहले दिन हो रहा था और पर्व अगले दिन मनाया जा रहा था। पिछले कुछ वर्षों में पंचांग गणना और स्थानीय परम्पराओं के कारण कुमाऊं और देश के अन्य हिस्सों में तिथियों में एक दिन का अंतर देखने को मिल रहा था। इससे लोगों में भ्रम की स्थिति रहती थी। इस साल ज्योतिषियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार 4 मार्च को ही कुमाऊं और देश भर में एक साथ छलड़ी मनाई जाएगी। तिथियों और ग्रहण के विशेष संयोग के कारण अब इसको लेकर कोई संशय नहीं है। ज्योतिष गणना के अनुसार, 2 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है। विशेष बात यह है कि 3 मार्च को खग्रास चन्द्र ग्रहण लग रहा है, जिसका सूतक काल सुबह 06:20 बजे से ही शुरू हो जाएगा। ज्योतिषियों के मुताबिक भद्रा का साया जरूर है। शास्त्रों के अनुसार विशेष परिस्थितियों में भद्रा के समय भी मुख त्याग कर प्रदोष काल में दहन किया जा सकता है। 3 मार्च को ग्रहण होने से दहन संभव नहीं है, इसलिए 4 मार्च की होली है।

27 फरवरी को होगा चीर बंधन

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की होली पूरे देश में प्रसिद्ध है। कुमाऊं मंडल में इस बार एकादशी पर 27 फरवरी को चीर बंधन होगा। चीर बंधन के साथ ही कुमाऊं  में रंगों की होली शुरू हो जाएगी। होली का ये सिलसिला चार मार्च को छलड़ी तक चलेगा। इस दौरान गांव-गांव और घरों में खड़ी होली का गायन किया जाएगा।

तीन मार्च को नहीं होंगे धार्मिक अनुष्ठान

ज्योतिषियों के मुताबिक इस बार तिथियों की घट-बढ़ और ग्रहण के योग ने संशय को समाप्त कर दिया है। 3 मार्च को शाम 06:27 बजे पर चन्द्र ग्रहण। सूतक काल के नियमों को देखते हुए 2 को दहन और 4 मार्च को रंगों की होली मनाना ही शुभ और मंगलकारी है।3 मार्च को ग्रहण और सूतक काल होने से धार्मिक अनुष्ठान नहीं होंगे। पूर्णिमा 2 मार्च को प्रदोष काल में मिल रही है, इसलिए उसी दिन दहन होगा। 4 मार्च को प्रतिपदा तिथि में छलड़ी मनाना पूरी तरह शास्त्र सम्मत है।

2002 से चल रही भ्रम की स्थिति

कुमाऊं मंडल में साल 2022 से होली की तिथि में देश के अन्य हिस्सों की अपेक्षा एक दिन का अंतर आ रहा था। साल 2022 में पूरे देश में 19 मार्च जबकि कुमाऊं में 18 मार्च को होली मनाई गई थी। साल 2023 में देश में होली सात मार्च को मनाई गई थी जबकि कुमाऊं में आठ मार्च को होली खेली गई थी। साल 2024 को कुमाऊं मंडल में 26 मार्च जबकि देश के अन्य हिस्सों में 25 मार्च को होली मनाई गई थी। पिछले साल यानी 2025 में देश में 14 मार्च को होली मनाई गई थी और कुमाऊं 15 मार्च को होली हुई थी।