देहरादून

ठंड का कहर : पेट्रोमैक्स जलाकर सोए UP के दो युवकों की डंपर में मिली लाशें, नजारा देख खड़े हो गए रौंगटे

Death Due To Carbon Monoxide : भीषण ठंड से बचने के लिए डंपर में पैट्रोमैक्स जलाकर सोए दो युवकों की मौत हो गई। डंपर के केबिन से दोनों के शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।

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Jan 12, 2026
डंपर के केबिन में यूपी के दो लोगों की मौत हो गई

Death Due To Carbon Monoxide : भीषण ठंड ने कहर बरपा रखा है। ठंड से बचने को डंपर में पेट्रोमैक्स जलाकर सोए दो युवकों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। ये घटना उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर स्थित पीरूमदारा में घटी है। पीरूमदारा चौकी प्रभारी बॉबी बिष्ट के 28 वर्षीय इरफान पुत्र रुस्तम और 31 वर्षीय इकरार हुसैन पुत्र बुंदु निवासी चंदवार की मंडिया थाना असमोली जिला संभल यूपी शनिवार रात 18 टायरा ट्रक लेकर रेत लेने पीरूमदारा के बदेशा क्रशर पहुंचे थे। रविवार सुबह करीब चार बजे रेत भरने के बाद अत्यंत ठंड होने के चलते उन दोनों ने डंपर के केबिन में पेट्रोमैक्स जलाया और सो गए। सुबह काफी देर डंपर में कोई हलचल नहीं होने पर अन्य चालक मौके पर पहुंचे। केबिन में इरफान और इकरार के शव देख उनके होश फाख्ता हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। घटना से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

दम घुटने से हुई मौत

ठंड से बचने के लिए डंपर में पेट्रोमैक्स जलाना दो युवकों को भारी पड़ गया। कोतवाल सुशील कुमार के मुताबिक दोपहर में ट्रक के केबिन में दो लोगों के पड़े होने की सूचना मिली थी। केबिन की जांच करने पर उसमें एक पेट्रोमैक्स मिला है ’ प्रथम दृष्टया मौत का कारण बंद केबिन में पेट्रोमैक्स जलने से ऑक्सीजन की कमी होना माना जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हुई।

कार्बन मोनोऑक्साइड जानलेवा

दो लोगों की मौत के बाद सर्दी से बचाव के तरीकों पर चर्चा हो शुरू हो गई है। विशेषज्ञों की सलाह है कि कभी भी बंद कमरे में अंगीठी, पेट्रोमैक्स या कोई ईंधन जलाने वाला उपकरण जलाकर न सोएं। एसटीएच के वरिष्ठ फिजिशियर डॉ. परमजीत सिंह का कहना है कि बंद कमरे में अंगीठी या पेट्रोमैक्स (केरोसिन स्टोव) जलाकर सोने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा हो जाती है। कमरे में वेंटिलेशन न होने से यह रंगहीन, गंधहीन और जहरीली गैस आसानी से नहीं निकल पाती। यह गैस सांस के रास्ते खून में पहुंचकर ऑक्सीजन की जगह ले लेती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। शुरू में व्यक्ति को सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी जैसे लक्षण महसूस होते हैं। यदि सीओ की मात्रा अधिक हो जाए तो यह खतरनाक साबित होती है और मौत का कारण बन सकती है।

Published on:
12 Jan 2026 08:45 am
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