LPG Relief : ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के बीच गहराते एलपीजी संकट से आज से कुछ राहत मिल सकती है। सरकार ने कॉमर्शियल सिलेंडर वितरण पर लगाई रोक को कल रात हटा दिया है। इस संबंध में शासन ने एसओपी जारी कर दी है। साथ ही कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए सभी जिलों का कोटा तय कर दिया गया है।
LPG Relief : ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के बीच बढ़ते एलपीजी संकट से कुछ राहत मिलने वाली है। उत्तराखंड में सरकार ने सोमवार रात इसे लेकर एक एसओपी जारी की है। एसओपी के तहत अब होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक इकाइयों को उनकी दैनिक आवश्यकता का 20 प्रतिशत कोटा अनिवार्य रूप से आवंटित किया जाएगा। सरकार ने ये व्यवस्था वर्तमान शीतकालीन यात्रा और आगामी चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटन व्यवसाय को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए की है।खाद्य सचिव आनंद स्वरूप के मुताबिक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए प्राथमिकता क्षेत्र तय किए गए। नई व्यवस्था के तहत आपूर्ति की जिम्मेदारी प्रमुख तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल को उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुरूप सौंपी गई। सभी कंपनियों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने और संबंधित जिलाधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए। बता दें कि राज्य में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को पहले से आपूर्ति जारी थी। आज यानी मंगलवार से कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
एलपीजी संकट के बीच सरकार ने व्यवसायिक सिलेंडर आपूर्ति पर लगाई रोक हटाकर व्यवसायियों को बड़ी राहत दी है। सिलेंडर आपूर्ति नहीं होने के कारण राज्य में रेस्टोरेंट कारोबार बेपटरी होने लगा था। इधर, अब सरकार ने कोटे के आवंटन में सबसे अधिक प्राथमिकता रेस्टोरेंट और ढाबों को दी है। इन्हें कुल आवंटन का 37 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। होटल और रिसॉर्ट्स को 28, फार्मास्युटिकल (लाइफ सेविंग ड्रग) को सात, सरकारी गेस्ट हाउस, औद्योगिक कैंटीन और पीजी छात्रावासों को छह-छह तथा डेयरी, होमस्टे और स्वयं सहायता समूहों को प्रतिदिन पांच-पांच प्रतिशत कोटा दिया जाएगा।
उत्तराखंड सरकार ने जिलों में मौजूद कॉमर्शियल गैस कनेक्शनों की संख्या के आधार पर जिलेवार कोटा भी तय किया है। देहरादून को सर्वाधिक 31 प्रतिशत आवंटन मिला है। हरिद्वार और नैनीताल को 13-13, ऊधमसिंह नगर को 9, चमोली को 6 और रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। वहीं, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी व अल्मोड़ा को 4-4, पिथौरागढ़ को 3 और बागेश्वर-चम्पावत को 2-2 प्रतिशत आवंटन मिलेगा। कॉमर्शियल सिलेंडर वितरण शुरू होने से व्यवसायियों को बड़ी राहत मिलेगी।