देहरादून

विस चुनाव से पहले कांग्रेस में घमासान, करीबी की पार्टी में एंट्री नहीं होने से पूर्व सीएम ने लिया राजनैतिक अवकाश!

Factionalism In Congress : अगले साल होने वाले विस चुनाव से पहले कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। अपने करीबी को कांग्रेस की सदस्यता नहीं मिलने से नाराज पूर्व सीएम हरीश रावत 15 दिन के राजनैतिक अवकाश पर चले गए हैं। इसे लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है।

2 min read
Apr 01, 2026
पूर्व सीएम हरीश रावत और संजय नेगी

Factionalism In Congress : अपने करीबी नेता को कांग्रेस की सदस्यता नहीं मिलने से उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत रूठ गए हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत का अचानक 15 दिन के अवकाश’ पर चले जाने के बाच सियासत गरमा गई है। कल उत्तराखंड कांग्रेस का प्रमुख चेहरा माने जाने वाले हरीश रावत ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से खुद को 15 दिनों के लिए राजनीति से दूर रखने की घोषणा की है। हालांकि, पूर्व सीएम ने इसे ‘पर्सनल वेकेशन’ और विश्राम का नाम दे रहे हैं, लेकिन उनके 15 दिन के अवकाश को जानकार खामोश बगावत का नाम दे रहे हैं। उनकी इस घोषणा से कांग्रेस के भीतर गुटबाजी भी सामने आ गई है। हरीश रावत की इस घोषणा के बाद कुछ दिन से शांत दिख रही पार्टी में एक बार फिर गुटबाजी सतह पर आती दिखाई दे रही है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि हरीश रावत किसी न किसी बात पर नाराज हैं। हाईकमान को तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी नाराजगी दूर करनी चाहिए। बकौल कुंजवाल प्रदेश में उनके बिना कांग्रेस की कल्पना करना भी कठिन है। उनकी सक्रियता ही पार्टी की ताकत है।

संजय नेगी को कराना चाहते थे ज्वाइन

पूर्व सीएम हरीश रावत रामनगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी को कांग्रेस की सदस्यता दिलाना चाहते थे। दरअसल, बीते दिनों दिल्ली में हुए सदस्यता समारोह में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमलाल आर्य और नारायण पाल सहित छह नेताओं ने कांग्रेस ज्वाइन की थी। उस लिस्ट में हरीश रावत के करीबी माने जाने वाले संजय नेगी का नाम भी शुरुआत में रखा हुआ था। ऐन मौके पर संजय की ज्वाइनिंग कांग्रेस में नहीं हो पाई थी। चर्चा है कि इसी से नाराज होकर पूर्व सीएम हरीश रावत 15 दिन के राजनैतिक अवकाश पर चले गए हैं।

संजय ने बिगाड़े थे कांग्रेस के समीकरण

रामनगर विस सीट पर साल 2022 के विस चुनाव में महासंग्राम देखने को मिला था। विवाद का केंद्र हैं पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, जिन्हें पार्टी में शामिल करने को लेकर कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई है। 2022 के चुनावों में भी रामनगर कांग्रेस की बगावत का मुख्य केंद्र रहा था। विवाद इतना बढ़ा था कि हरीश रावत को रामनगर छोड़कर लालकुआं से चुनाव लड़ना पड़ा। संजय नेगी ने निर्दलीय चुनाव लड़कर करीब 17 हजार वोट हासिल किए थे, जिससे कांग्रेस का समीकरण बिगड़ गया था। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता रणजीत सिंह रावत संजय नेगी को पार्टी की सदस्यता दिलाने के पक्ष में नहीं थे। दिल्ली में आला कमान ने भी संजय नेगी की सदस्यता पर बाद में विचार करने को कह दिया था।

रावत को मनाने में जुटी पार्टी

पूर्व सीएम हरीश रावत की नाराजगी को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान भी चिंतित है। इसी को देखते हुए पार्टी उन्हें मनाने में जुटी हुई है। हालांकि मीडिया से कहा कि वह किसी से नाराज नहीं हैं, बस कुछ दिन विश्राम चाहते हैं। वह अपनी छुट्टियों का आनंद रहे हैं, जिसे वह बढ़ा भी सकते हैं। इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक हरीश रावत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, उनकी बात पार्टी प्लेटफॉर्म पर वह विचारणीय है। उनसे बातचीत जारी है। नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है, यदि कोई बात होगी तो मिल बैठकर उसका निराकरण किया जाएगा।

Updated on:
01 Apr 2026 12:32 pm
Published on:
01 Apr 2026 12:29 pm
Also Read
View All

अगली खबर