31 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Middle-East War : रेत-बजरी, सीमेंट, टाइल्स और सरिया के दाम 20% बढ़े, निर्माण कार्यों पर संकट

Middle-East War : ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के कारण देश भर में पेट्रोलियम संकट गहराता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इस महायुद्ध के कारण रेत-बजरी, सरिया, सीमेंट और टाइल्स आदि निर्माण सामग्री के दाम में भी बड़ा उछाल आया है। इससे निर्माण कार्यों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

2 min read
Google source verification
The Iran-US-Israel war has led to a rise in the prices of building materials in Uttarakhand

मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण उत्तराखंड में निर्माण सामग्री के दाम बढ़ गए हैं

Middle-East War : मध्य-पूर्व की जंग की तपिश से पूरी दुनिया झुलस रही है। हार्मुज स्टेट में जहाज फंसने के कारण एलपीजी संकट गहरा रहा है। अब इस जंग की तपिश भवन निर्माण सामग्री तक पहुंच चुकी है। युद्ध के कारण उत्तराखंड में भवन निर्माण सामग्री में करीब 20 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हो गई है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सीमेंट, सरिया, ईंट और रेत के साथ ही टाइल्स भी महंगी हो गई हैं।ईंधन की दिक्कतों की वजह से कई स्थानों पर ट्रांसपोर्टरों ने मालभाड़ा बढ़ाना भी शुरू कर दिया है। इस वजह से मकान बना रहे लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। हल्द्वानी के हार्डवेयर कारोबारियों के मुताबिक सरिया की कीमत में 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। पहले सरिया 5200 का था अब 6200 का हो गया है। अल्मोड़ा में में भी सरिया की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। पिथौरागढ़ में सरिया की कीमतों में प्रति कुंतल 400 से लेकर 500 रुपये तक का इजाफा हुआ है। इधर, देहरादून में 57 सौ रुपये कुंतल मिलने वाली सरिया का दाम अब 6300 पहुंच गया है। दून में पूर्व में जो टाइल्स 40 रुपये प्रतिफिट थी अब वह 45 रुपये पहुंच गई है। दून में रेत पूर्व में 105 रुपये प्रतिकुंतल था अब 110 पहुंच गया है। रोड़ी जो 95 रुपये कुतल मिलती थी अब 100 रुपये कुंतल हो गईहै। अल्ट्राटेक सीमेंट के दाम में भी दस रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है।

सीमेंट आपूर्ति बाधित, 15 % बढ़े दाम

 मध्य-पूर्व की जंग के कारण देहरादून के विकासनगर में पिछले 15 दिनों से सीमेंट की आपूर्ति में दिक्कत है। सीमेंट की आपूर्ति कम होने का असर निर्माण कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। सीमेंट की दरों में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। रुद्रप्रयाग, हल्द्वानी, अल्मोड़ा पिथौरागढ़ और रुड़की में भी सीमेंट की कीमतों में दस से 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इससे लोगों को घर बनाना महंगा हो गया है। कई लोगों ने निर्माण कार्य टाल भी दिए हैं।

टाइल्स के दाम 10 फीसदी बढ़े

ईरान-इजराइल युद्ध के कारण पेट्रोलियम संकट गहरा रहा है। इसकार असर निर्माण कार्यों पर साफ दिख रहा है। टाइल्स स्टोर के संचालकों के मुताबिक पिछले एक महीने में टाइल्स की आपूर्ति में कमी आ गई है। उन्होंने बताया कि टाइल्स को तैयार करने में गैस का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है। ऐसे में कई प्लांट अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से टाइल्स की दरों में 10 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। इसके अलावा राज्य में रेत, बजरी, रोड़ी के दाम में भी भारी उछाल आ गया है। ईंट का दाम 80 पैसे तक बढ़ गया है। परिवहन भाड़ा बढ़ने के कारण दामों में बढ़ोत्तरी हुई है।