देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के प्रयास का मामला सामने आया है। मां की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
Dehradun Crime News: देहरादून में 15 साल की नाबालिग लड़की को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास करने का मामला सामने आया है। यह घटना डोईवाला थाना क्षेत्र की है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता 15 साल की नाबालिग लड़की अपनी मां और छोटे भाई के साथ डोईवाला क्षेत्र में किराए के मकान में रहती है। पिछले चार साल से वे यहां रह रहे हैं। उनके ठीक पड़ोस में एक मुस्लिम परिवार किराए पर रहता था। दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे। एक-दूसरे के घर आना-जाना आम बात थी।
पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि जब वह घर पर नहीं होती, तो आरोपी राशिद अक्सर उनके घर आता था। वह नाबालिग बेटी को प्रेमजाल में फंसाकर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। आरोपी उसे मुस्लिम धर्म के कपड़े पहनने, बोलचाल बदलने और व्यवहार अपनाने के लिए कहता था। धीरे-धीरे यह सब काफी दिनों तक चलता रहा। किशोरी पर असर पड़ने लगा और वह मुस्लिम धर्म को मानने लगी। उसे यह धर्म पसंद आने लगा। मां को जब यह बात पता चली तो वह बहुत परेशान हो गई।
मां का कहना है कि आरोपियों ने मिलकर उसकी बेटी को बहलाया-फुसलाया और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया। आरोपी राशिद के अलावा गुलिस्तां (एक महिला) और सारिक भी इसमें शामिल थे। गुलिस्तां आरोपी राशिद की बहन है और सारिक उसका भाई। तीनों ने मिलकर यह काम किया। मां ने डोईवाला थाने में लिखित शिकायत दी। उसने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने 21 मार्च को मामला दर्ज किया। आरोपियों राशिद, गुलिस्तां और सारिक पर उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक भावना को सौंपी गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोप सही पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा हो रही है। मां और परिवार वाले आरोपियों को जल्द सजा देने की मांग कर रहे हैं। उत्तराखंड में धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून है, जिसके तहत बिना सहमति या प्रलोभन से धर्म बदलवाना अपराध है।