देहरादून

देवभूमि में गूंजे पारंपरिक वाद्ययंत्र: डोली यात्रा के साथ चारधाम यात्रा 2026 शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे।

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Apr 19, 2026
चारधाम यात्रा 2026 की आज से शुरुआत। मुख्यमंत्री धामी ने शुभकामनाएं दीं।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का रविवार से विधिवत शुभारंभ हो गया। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा धाम क्षेत्र गूंज उठा।

गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर खोले गए। परंपरा के अनुसार पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए।

वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 35 मिनट पर खोले गए। कपाट खुलते ही लंबे समय से लाइन में खड़े श्रद्धालु मंदिर की ओर बढ़ने लगे। धाम में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।

केदारनाथ धाम के लिए डोली रवाना

चारधाम यात्रा के अगले चरण में बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से फाटा के लिए रवाना हो गई है। डोली 21 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आज अक्षय तृतीया के पवित्र अवसर पर श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए पूरे रीति-रिवाजों के साथ खोले जा रहे हैं। इसके साथ ही चार धाम यात्रा-2026 का भी शुभारंभ हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी बनाने के लिए व्यापक और ठोस तैयारियां सुनिश्चित की हैं। मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा, “मैं माता गंगा और माता यमुना से प्रार्थना करता हूं कि वे आप सभी के जीवन को सुख, समृद्धि और प्रगति से भर दें।

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवताओं की भूमि उत्तराखंड में सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन। यात्रा के दौरान, कृपया निर्धारित नियमों का पालन करें और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, इस पवित्र तीर्थयात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान दें। भगवान इस पवित्र यात्रा को आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति से भर दें।

19 लाख श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

इस बीच, श्री केदारनाथ धाम 22 अप्रैल को खुलेगा, जिसके बाद श्री बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को खुलेगा। शनिवार शाम तक 18.9 लाख तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। केदारनाथ में सबसे अधिक 6.5 लाख पंजीकरण हुए, उसके बाद बद्रीनाथ (5.5 लाख), गंगोत्री (3.3 लाख) और यमुनात्री (3.2 लाख) का स्थान रहा।

शनिवार को ही मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप से यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो सनातन धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक का औपचारिक शुभारंभ था। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से बातचीत की, उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से परिपूर्ण यात्रा की कामना की।

पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड के मौसम को देखते हुए चारों तीर्थस्थलों (यमुनात्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) में अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। चार धाम यात्रा परंपरागत रूप से हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है और यमुनात्री, गंगोत्री, और केदारनाथ से होते हुए अंत में बद्रीनाथ तक जाती है, जो हर साल भारत और विदेशों से हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।

Updated on:
19 Apr 2026 01:23 pm
Published on:
19 Apr 2026 12:54 pm
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