
चारधाम यात्रा के दौरान साइबर ठगी करने पर सरकार ने 225 लिंक और वेबसाइट पर कार्रवाई की है
Cyber Fraud During Chardham Yatra : चारधाम यात्रा शुरू होते ही साइबर ठगों ने जाल बिछाना शुरू कर दिया है। केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग, वीआईपी दर्शन और पूजा बुकिंग की सुविधाओं के नाम पर लोगों को चूना लगाने की कोशिशें की जा रही हैं। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक इस साल यात्रा के शुरुआती दिनों में ही एसटीएफ ने 225 फर्जी वेबसाइट्स और लिंक को ब्लॉक कर दिया है। 65 मोबाइल नंबर और व्हाट्एप एकाउंट और 12 बैंक खाते ब्लॉक कराए हैं। 2025 में पूरे सीजन में 156 वेबसाइट-पेज, 117 मोबाइल और 35 व्हाट्सएप नंबर और 126 बैंक खातों पर कार्रवाई हुई थी। साल 2024 पूरे यात्रा सीजन में 80 वेबसाइट और 24 पेज ब्लॉक किए गए थे। साथ ही 55 बैंक खाते सीज हुए थे। इधर, चारधाम यात्रा में ठगी के पांच मामले साइबर थाने पहुंच चुके हैं। इन्हें ठगी का शिकार बने लोगों ने दर्ज कराया है। एक मुकदमा साइबर थाना पुलिस अपनी ओर से दर्ज कर चुकी है।
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से ठगी के लिए साइबर अपराधी तमाम तरीके से जाल बुन रहे हैं। एसटीएफ के मुताबिक ठग उत्तराखंड के स्थानीय लोगों के आधार कार्ड और आईडी का इस्तेमाल कर खुद को स्थानीय ट्रैवल एजेंट बताते हैं। पवन हंस, केदारनाथ हेलीकॉप्टर सर्विस जैसे मिलते-जुलते कीवर्ड के साथ फर्जी इंस्टाग्राम पेज, व्हाट्सएप प्रोफाइल व फर्जी वेबसाइट बनाते हैं। एसटीएफ ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
चारधाम यात्रा के दौरान साइबर अपराधों के मद्देनजर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विशेष रूप से फर्जी वेबसाइटों के जरिए हेली टिकट बुकिंग में होने वाली गड़बड़ियों पर तत्काल कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों की सूचना राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है। साथ ही देहरादून साइबर अपराध पुलिसस्टेशन में 01352655900 या ccps.deh@uttarakhand police.uk.gov.in पर ईमेल से शिकायत कर सकेंगे।
चारधाम यात्रा को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने पर यात्रा से जुड़े फर्जी संदेश, वीडियो पोस्ट करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पर्यटन विभाग ने सोमवार को जारी अपनी विस्तृत आधिकारिक गाइडलाइन में इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी दी है। गाइडलाइन में कहा गया है कि यात्रा से जुड़ी गलत सूचनाएं न केवल श्रद्धालुओं को भ्रमित करती हैं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था व जनभावनाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर हर संदेश-वीडियो पर विभाग की पैनी नजर रहेगी। साथ ही भ्रामक सामग्री पोस्ट या शेयर करने वालों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
21 Apr 2026 08:29 am
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