
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने के बावजूद एलपीजी का कोटा नहीं मिल पाया है
LPG Crisis In Chardham : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। कल गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए हैं। उधर, भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह डोली रविवार को केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर गई है। 22 अप्रैल को केदारनाथ जबकि 23 अप्रैल को भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे। यात्रा शुरू होने के बावजूद अब तक केंद्र से एलपीजी का कोटा नहीं मिल पाया है। इसके चलते उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में अगले कुछ दिन में स्थिति विकट होने के आसार बन रहे हैं। यात्रा रूट से जुड़े जिलों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ होटल और ढाबा संचालक अब लकड़ी के चूल्हे और डीजल भट्टियों के सहारे काम चलाने को विवश हैं। एक अनुमान के मुताबिक चारधाम यात्रा के इस सीजन में करीब 10 लाख से अधिक गैस सिलेंडरों की जरूरत पड़ेगी। लेकिन ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच चल रही तनातनी के चलते होर्मुज से जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसके कारण पूरे देश में एलपीजी संकट गहराया हुआ है। यात्रा शुरू होने से कई दिन पहले ही केंद्र सरकार को 10 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिमांड भेजी गई थी, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हो पाई है। इधर, खाद्य आपूर्ति सचिव आनंद स्वरूप के मुताबिक केंद्र से अतिरिक्त कोटा मिलते ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही एपीजी कोटा मिल जाएगा।
चारधाम यात्रा के पूरे सीजन में करीब 10 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की खपत होने की संभावना है। यात्रा के शुरुआती 15 दिनों में करीब डेढ़ लाख अतिरिक्त सिलेंडरों की जरूरत होगी। लोगों का कहना है कि समय रहते एलपीजी की आपूर्ति बहाल नहीं होने पर परेशानी बढ़ सकती है। बता दें कि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुल गए हैं, लेकिन दोनों ही रूट पर जरूरत के हिसाब से गैस सिलेंडर नहीं पहुंच पाए हैं। गंगोत्री रूट पर स्थित हर्षिल घाटी में करीब दो महीनों से एलपीजी आपूर्ति ठप है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि एडवांस भुगतान के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए ढाबा संचालक अब महंगे डीजल और लकड़ी का इंतजाम कर रहे हैं। इससे कॉस्ट बढ़ रही है। महंगाई का खामियाजा श्रद्धालुओं को भी भुगतना पड़ सकता है।
रुद्रप्रयाग जिले में कॉमर्शियल सिलेंडरों का बैकलॉग सात हजार से अधिक का चल रहा है। घेरलू गैस की आपूर्ति भी सामान्य नहीं हो पाई है और 15 हजार परिवार सिलेंडर मिलने के इंतजार में हैं। कामर्शियल के लिए आवेदन करने वालों को पांच किलो का सिलेंडर थमाया जा रहा है। एपीजी सप्लाई तेज नहीं होने पर यात्रा सीजन में यहां के व्यापारियों और आम लोगों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं।
Updated on:
20 Apr 2026, 8:28 AM IST
Published on:
20 Apr 2026, 8:26 AM IST
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