
उत्तराखंड में शुगर की नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है
Major Action : शुगर की चमत्कारी दवा का खुलासा होने से उत्तराखंड में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस-प्रशासन, आयुर्वेदिक-यूनानी, औषधि एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को यूएस नगर जिले के दिनेशपुर नगर पंचायत कार्यालय के पीछे वार्ड नंबर दो स्थित एक घर में छापेमारी की। मौके पर नकली आयुर्वेदिक दवा तैयार की जा रही थी। इससे दो कमरे भरे हुए थे, जो करीब 50 कुंतल माल बताया जा रहा है। जबकि शुगर की एलोपैथिक दवा पीआईएलजीपीएम-एसआर-2 की सात पेटियां बरामद हुईं। एक पेटी में 40 बॉक्स, एक बॉक्स में 20 स्ट्रिप और प्रत्येक स्ट्रिप में 12 टैबलेट पाए गए। विटामिन और कैल्शियम साल्ट युक्त पीआईएल नैनो दवा भी भारी मात्रा में मिली। कई बोरों में बंद खाली पैकेट बरामद हुए। आरोपी एलोपैथिक दवाइयां और हिरण के सींग को पीसकर कथित रूप से आयुर्वेदिक शुगर कंट्रोल चूर्ण तैयार करता था। टीम को मौके पर दवा मिलाने और पीसने वाली मशीनें मिली हैं। इनकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से स्वरूप सिंह नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
शुगर की नकली दवा के कारखाने का खुलासा होने से हड़कंप मचा हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम के मुताबिक बरामद हिरण के सींगों की जांच की जा रही है। इसकी तस्करी या शिकार के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसडीएम ऋचा सिंह के मुताबिक दवा की एक पुड़िया एक हजार रुपये तक बेची जाती थी। सोशल मीडिया के जरिये प्रचार की बात भी सामने आई है। आरोपी अपने ठिकाने से भी सीधे दवा बेचता था। लोगों में एक-दूसरे को बताकर यानी वर्ड ऑफ माउथ से अपनी दवा की मार्केटिंग करता था। खेप पश्चिम बंगाल, दिल्ली, यूपी में जाती थी।
एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि नकली शुगर की दवाइयां बनाई जा रही थीं। एलोपैथिक दवाइयां और चूर्ण का जखीरा बरामद हुआ है। हिरण के सींग भी मिले हैं। वन विभाग, आयुर्वेदिक विभाग और पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। सभी सामान सील कर दिया गया है। दवाइयों की सैंपलिंग भी कराई जा रही है। आरोपी पुलिस की हिरासत में है।
नकली दवाए बनाने का आरोपी स्वरूप सिंह मूल रूप से यूपी के पीलीभीत का निवासी है। स्वरूप सिंह करीब पांच साल पहले दिनेशपुर आया था। तब वह बाइक से घूमकर दवा बेचता था। इसके बाद उसने यहां मकान बना लिया। अवैध धंधे से करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने की आशंका है। आरोपी के पास दो कारें और दो बाइकें भी मिली हैं। आरोपी के खातों में लाखों का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन मिला है।
नकली दवाओं के कारखाने में छापेमारी से पहले गदरपुर की एसडीएम ने खुद मरीज बनकर शुगर की दवा के नाम पर चल रहे इस अवैध धंधे की तस्दीक की। बकायदा एक हजार रुपये देकर एक पुड़िया भी खरीदी। एसडीएम ऋचा सिंह सामान्य महिला बनकर दिनेशपुर स्थित स्वरूप सिंह के ठिकाने पर पहुंचीं। यहां उन्होंने खुद को शुगर का मरीज बताया और दवा की जरूरत बताई। इस पर दवा विक्रेता ने सबसे पहले एसडीएम की नब्ज देखी। इसके बाद आरोपी ने एसडीएम को दवा की पुड़िया दी। एसडीएम ने इसके बाद आरोपी को बातों में उलझाया। लंबा इलाज चलने की बात कहते हुए प्रति पुड़िया हजार रुपये रेट तय किया। एक पुड़िया भी खरीदी। इसके कुछ देर बाद थानाध्यक्ष रविन्द्र बिष्ट, जिला अपर आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. दीपक कुमार सरकार, औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला की टीम ने छापा मारा और आरोपी को धर दबोचा।
Updated on:
21 Apr 2026, 7:58 AM IST
Published on:
21 Apr 2026, 7:55 AM IST
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