
Vinod BJP Leader Murder: उत्तराखंड के विकासनगर स्थित बैरागीवाला गांव में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प में युवक विनोद की मौत के बाद से शुरू तनाव थमता नजर नहीं आ रहा है। घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश चरम पर है। रविवार को गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के दो घरों को आग के हवाले कर दिया। हालात पर काबू पाने पहुंची पुलिस टीम पर भी उग्र भीड़ ने पथराव किया, जिसमें एसपी सिटी प्रमोद कुमार समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती की गई है।
जिला प्रशासन ने मुख्य आरोपी के घर की बाउंड्रीवाल को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। हालांकि, ग्रामीण इस कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और उनकी मांग है कि आरोपी के पूरे मकान को जमींदोज किया जाए। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए इंटरनेट बंद कर दिया था। हालांकि, स्थिति में आंशिक सुधार को देखते हुए इंटरनेट सेवा अब बहाल कर दी गई है।
एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी मुकदमे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एसपी क्राइम ने यह भी बताया कि प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं, गिरफ्तारी के संबंध में उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी आरोपी को पकड़ा जाएगा, इसकी जानकारी मीडिया के साथ साझा की जाएगी।
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक विधायक के तौर पर, जनमानस और इन खेतों के संरक्षक के तौर पर, और पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर भी मैं पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हूं। सरकार उनके साथ है और हम परिवार को हर संभव मदद देंगे।
बैरागीवाला गांव में एक विशेष समुदाय के परिवार और पीड़ित परिवार के बीच विवाद चल रहा था। शनिवार की रात को यह पुरानी दुश्मनी अचानक बड़े झगड़े में बदल गई। विनोद और उनके दो भाई (अशोक और राजेश) सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेत में पानी डाल रहे थे। तभी पास के खेत वाले और पूर्व प्रधान के भतीजे इम्तियाज ने इस पर ऐतराज जताया। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और इम्तियाज के साथ अमन, यूनुस, अनीस और रज्जाक जैसे कई लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर वहां आ गए। आरोप है कि इन लोगों ने तीनों भाइयों पर जानलेवा हमला बोल दिया। रज्जाक नामक आरोपी ने विनोद के सिर पर हथौड़े से कई वार किए। बीच-बचाव करने आए अशोक और राजेश को भी अधमरा होने तक पीटा गया। अस्पताल में इलाज के दौरान विनोद की मौत हो गई, जबकि उनके दोनों भाइयों की हालत नाजुक बनी हुई है।
भाजपा नेता की मौत की खबर फैलते ही बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भारी संख्या में इकट्ठा हो गए। इंसाफ की मांग को लेकर भीड़ बेकाबू हो गई। गुस्साए लोगों ने दून-पांवटा हाईवे को जाम कर दिया और गाड़ियों की आवाजाही रोक दी। इसके बाद भीड़ ने आरोपी के घर पर हमला करके वहां आग लगा दी। इस दौरान पथराव और कांच की बोतलें फेंकने की घटनाएं भी हुईं, जिससे माहौल काफी बिगड़ गया।
हालात पर काबू पाने पहुंची पुलिस टीम पर भी उग्र भीड़ ने पथराव किया, जिसमें एसपी सिटी प्रमोद कुमार समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाओं को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया। हांलाकि, कुछ समय बाद इंटरनेट को फिर से बहाल कर दिया गया। फिलहाल, सहसपुर, विकासनगर, सेलाकुई और कालसी थानों की पुलिस के साथ पीएसी बल को तैनात किया गया है। पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और बाकी बचे आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रहे हैं।
यह पूरा मामला सूचना के अधिकार (RTI) और ग्राम समाज की जमीन से जुड़ा हुआ है। मृतक भाजपा नेता विनोद और उनके परिवार ने गांव के पूर्व प्रधान इस्पाक के समय हुए कामों की आरटीआई (RTI) के जरिए जानकारी मांगी थी। विनोद ने प्रधान के कार्यकाल में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और अन्य घोटालों की शिकायत उच्च अधिकारियों से भी की थी। इसी बात से नाराज होकर पूर्व प्रधान का परिवार विनोद से दुश्मनी रखने लगा था और दोनों परिवारों में अक्सर झगड़ा होता रहता था।
Updated on:
14 Jun 2026, 1:50 PM IST
Published on:
14 Jun 2026, 1:15 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.