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‘FIR इसलिए दर्ज नहीं हुई क्योंकि वह उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं’, गणेश जोशी पर शिकायतकर्ता का बड़ा आरोप

Uttarakhand Cabinet Minister Ganesh Joshi: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में स्पेशल विजिलेंस कोर्ट ने नोटिस जारी किया। शिकायतकर्ता पंकज क्षेत्री ने कहा कि सरकार की अनुमति न मिलने पर उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा।
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Uttarakhand Cabinet Minister Ganesh Joshi

गणेश जोशी पर शिकायतकर्ता का बड़ा आरोप,फोटो - ANI

Ganesh Joshi disproportionate assets case: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुए कानूनी घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। दरअसल, मामले के शिकायतकर्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने मीडिया मुखातिब होते हुए मंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के दौरान आई प्रशासनिक अड़चनों पर खुलकर बात की।

'जीरो टॉलरेंस का दावा, लेकिन नहीं दर्ज हुई FIR'

शिकायतकर्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती है, लेकिन जब उन्होंने कैबिनेट मंत्री के खिलाफ शिकायत दी तो जांच को नौकरशाही के स्तर पर रोक दिया गया। इतना ही नहीं क्षेत्री ने यह भी कहा कि 'मैंने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी। बीजेपी के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावे को देखते हुए मुझे कार्रवाई की उम्मीद थी। हालांकि, कोई FIR दर्ज नहीं की गई। मुझे बताया गया कि वह कैबिनेट मंत्री हैं, इसलिए सरकार से अनुमति आवश्यक है। चूंकि सरकार ने अनुमति नहीं दी, इसलिए आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी।'

स्पेशल विजिलेंस कोर्ट पहुंचे शिकायतकर्ता

सरकारी स्तर पर आवश्यक मंजूरी नहीं मिलने और लंबे समय तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने से निराश शिकायतकर्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने आखिरकार न्यायपालिका की शरण ली। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं और स्वीकृति में देरी के कारण मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी। इसके बाद क्षेत्री ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(3) के तहत स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में याचिका दाखिल की और अदालत से अनुरोध किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाए।

3 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

बता दें कि इस कानूनी लड़ाई में 25 जुलाई को एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब विजिलेंस कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को आधिकारिक नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने के लिए समन भेजा। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को तय की गई है, जहाँ अदालत आगे की कानूनी कार्यवाही पर विचार करेगी।

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