Craze : फैंसी नंबर की दीवानगी इस कदर हावी है कि लोग इसके लिए पानी की तरह पैसा बहाने को बेताब हैं। एक अधिवक्ता ने डेढ़ करोड़ की मर्सिडीज कार के लिए फैंसी नंबर 0001 पाने को 13.74 लाख की बोली लगा दी। उन्होंने लकी नंबर की बोली में पूर्व सीएम की बेटी को भी पछाड़ दिया।
Craze : वाहनों में फैंसी नंबर लगाने के लिए लोग कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। फैंसी और लकी नंबर की बोली लोग लाखों में लगा रहे हैं। देहरादून आरटीओ में फैंसी वाहन नंबरों के लिए लोगों ने दिल खोलकर बोली लगाई। यूके-07एचजे सीरीज के 0001 के लिए सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा दिखी। यह नंबर 13 लाख 74 हजार रुपये में बिका है। इससे पहले दून में इस नंबर के लिए सबसे ऊंची बोली 13 लाख 77 हजार रुपये की लग चुकी है। आरटीओ में जब भी नई सीरीज खुलती है तो उसके फैंसी नंबरों के लिए ऑनलाइन बोली लगती है। इस बार यूके-07एचजे सीरीज के नंबरों के लिए लगी बोली में 0001 सबसे महंगा 13 लाख 74 हजार रुपये में बिका है। यह नंबर अधिवक्ता आलोक पुंडीर ने अपनी नई मर्सिडीज कार के लिए खरीदा है। बताया जा रहा है कि 0001 की बोली में एक पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी भी शामिल थी, जो इस नंबर की अधिकतम बोली 13 लाख 50 हजार रुपये लगा पाई।
देहरादून में वाहनों में फैंसी नंबर लगाने के लिए लोग कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखा रहे हैं। शहजाद अहमद ने नंबर 0003 के लिए 4.87 लाख और दीपक कुमार ने 0007 नंबर के लिए 3.66 लाख रुपये खर्च किए हैं। बोली में कुल 27 आवेदकों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपनी पसंद के नंबरों जैसे 0999, 7777 और 9999 के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का भुगतान किया है। आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने के मुताबिक जल्द सभी बोलीदाताओं को नंबर आवंटित किए जाएंगे।
अधिवक्ता आलोक पुंडीर के मुताबिक वह एक और नौ अंक को लकी मानते हैं। इससे पहले उनके पास जो गाड़ी है, उसका नंबर 0009 है। बताया कि इस बार 0001 की बोली में पांच लोग शामिल थे। सभी उन्होंने सबसे ज्यादा बोली लगाई है। बताया कि जिस कार के लिए उन्होंने यह नंबर खरीदा है, उसकी कीमत एक करोड़ 53 लाख रुपये है।