देहरादून

सरकार अब आसानी से अधिग्रहित कर सकेगी लोगों की जमीन, नई भूमि खरीद नीति मंजूर

New Land Purchase Policy : विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए विभाग अब आसानी से लोगों की जमीन खरीद सकेंगे। कैबिनेट में अधिग्रहण प्रकिया को आसान बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। नई नीति लागू होने से हितधारकों को लाभ मिलेगा। साथ ही सरकारी योजनाएं समय पर मूर्त रूप ले सकेंगीं।
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Jan 29, 2026
The cabinet has approved the new land purchase policy in Uttarakhand
सीएम पुष्कर सिंह धामी। फोटो सोर्स सूचना विभाग

New Land Purchase Policy : सरकारी विभाग सरकार की योजनाओं के लिए अब आसानी से लोगों की जमीन खरीद सकेंगे। उत्तराखंड कैबिनेट ने नई लैंड परचेज पॉलिसी (भूमि खरीद नीति) को मंजूरी प्रदान कर दी है। मौजूदा समय में विभिन्न योजनाओं के लिए सरकार भूमि का अधिग्रहण करती है। इस प्रक्रिया में न केवल लंबा वक्त लगता है बल्कि भूमि का उचित दाम नहीं मिलने की वजह से लोग कोर्ट की शरण में भी चले जाते हैं। कोर्ट में वाद लंबित होने के कारण सरकारी योजनाएं समय पर साकार रूप नहीं ले पाती हैं। लंबा समय लगने के योजना की कॉस्ट भी बढ़ जाती है। इसके कारण सरकार को आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए राजस्व विभाग ने योजनाओं के लिए भूमि जुटाने को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का विकल्प तैयार किया है। इस प्रस्ताव को बुधवार को धामी कैबिनेट ने मंजूर कर दिया है। नई भूमि खरीद नीति से हितधारक और सरकार दोनों को लाभ मिलेगा और समय पर योजनाएं पूरी हो जाएंगी।

सहमति से तय होंगे दाम

नई लैंड परचेज पॉलिसी से योजनाओं के लिए निजी भूमि अधिग्रहण बेहद आसान हो जाएगा। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक अब विभाग आपसी सहमति से सीधे आम लोगों से जमीन खरीदने के लिए समझौता करेंगे।  आपसी सहमति से जमीन के रेट तय किए जाएंगे। मौजूदा पॉलिसी में जमीन का सर्किल रेट का चार गुना अधिक मुआवजा देने का प्रावधान है। नई नीति के तहत लोग से मोलभाव कर सरकार को जमीन दे सकते हैं। इससे भू स्वामी को भी लाभ मिलेगा।  

प्राग फार्म की भूमि के मानक बदले

उत्तराखंड कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर जिले के प्राग फार्म में पट्टाधारकों को सिडकुल की जमीन सबलेट करने की इजाजत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्राग फार्म में कुल 1354.14 एकड़ जमीन औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए सिडकुल को दी गई थी। अभी तक व्यवस्था थी कि सिडकुल जिस पट्टेधारक को जमीन देगा उसे ही उद्योग स्थापित करना था। तीन साल तक उद्योग की स्थापना नहीं करने पर पट्टा स्वत: ही निरस्त हो जाता था। अब पट्टेधारक को भी जमीन सबलेट करने का अधिकार मिल जाएगा। हालांकि जमीन पर उसी श्रेणी का उद्योग स्थापित करना अनिवार्य होगा जिसके लिए वह आवंटित की गई थी।

Updated on:
29 Jan 2026 09:00 am
Published on:
29 Jan 2026 08:32 am