Big Action Of High Court: हाईकोर्ट ने विकास नगर कोतवाली का पूरा स्टाफ बदलने और वन विभाग के एसडीओ पर मुकदमा दर्ज करने वाले पुलिस अफसर को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने एसडीओ की गिरफ्तारी पर रोक भी लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
High Court Takes Strict Stand : हाईकोर्ट ने वन विभाग के एसडीओ को बड़ी राहत और पुलिस को झटका दिया है। ये मामला देहरादून के विकास नगर कोतवाली का है। बीते 27 फरवरी को एसडीओ राजीव नयन नौटियाल ऑफिस से विकास नगर स्थित घर की ओर लौट रहे थे। यमुना पुल पार करते वक्त उन्होंने नदी में अवैध खनन होते देखा। उन्होंने खनन में लिप्त डंपर का वीडियो बनाना शुरू किया तो कुछ लोग मौके पर पहुंच गए थे। आरोपियों ने एसडीओ से गाली गलौज शुरू कर दी थी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। इस पर आरोपियों ने एसडीओ से मारपीट शुरू कर दी थी। खनन में लिप्त लोगों ने एसडीओ का मोबाइल पटक दिया था। उसके बाद आरोपी फरार हो गए थे। इस मामले में दोनों पक्षों ने विकास नगर कोतवाली में क्रास एफआईआर दर्ज कराई है। एसडीओ ने इस मामले में हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस महानिदेशक और एसएसपी देहरादून को विकास नगर कोतवाली के पूरे स्टाफ को बदलने के आदेश दिए हैं। साथ ही एसडीओ के खिलाफ मुकदमा लिखने वाले अधिकारी को सस्पेंड करने के आदेश भी दिए हैं।
हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक और एसएसपी देहरादून को आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा। एकलपीठ ने एसएचओ से भी स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने कहा कि खनन कारोबारी मनीष चौहान की शिकायत के बाद नौटियाल पर केस रात 12.15 बजे दर्ज हुआ। कोर्ट ने पूछा कि यहां वास्तव में क्या हो रहा है? आप अपने ही अधिकारी की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि एसडीओ को गिरफ्तार न किया जाए। सुनवाई के दौरान अदालत को एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें कथित खनन माफिया के लोग वन अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की है।
अवैध खनन का एक ऑडियो वायरल होने पर हरिद्वार के एसएसपी ने झबरेड़ा की इकबालपुर चौकी प्रभारी सहित पूरे पुलिस स्टाफ को सस्पेंड किया है। वायरल ऑडियो में कथित रूप से अवैध खनन से जुड़े लेन-देन और चौकी प्रभारी से संपर्क की बातचीत सामने आई थी। मामला सामने आने के बाद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने हर पहलुओं की गंभीरता से जांच करने के सख्त निर्देश दिए थे। एसएसपी भुल्लर ने प्राथमिक जांच के आधार पर इकबालपुर चौकी प्रभारी नवीन चौहान, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र शर्मा, कांस्टेबल हरेंद्र, विपिन कुमार, देवेश सिंह और प्रदीप सहित पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल को सौंपी गई है।