Vigilance Action : विजिलेंस ने उत्तराखंड में ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक को 12 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को दबोचने के लिए विजिलेंस ने बड़ा जाल बिछाया था।
Vigilance Action : घूसखोरी में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए किच्छा में ज्येष्ठ उद्यान अधिकारी बादल पांडे निवासी शक्ति विहार तल्ली हल्द्वानी को गिरफ्तार किया है। घूसखोरी की शिकायत लकड़ी के एक ठेकेदार ने विजिलेंस हल्द्वानी में की थी। ठेकेदार ने विजिलेंस को बताया था वह कई वर्षों से लकड़ी का काम करता है। उसने गऊघाट में किसानों से आम के कई पेड़ खरीदे थे। पेड़ काटने के लिए विभागीय अनुमति का प्रावधान है। इसी को देखते हुए उसे उद्यान विभाग में अनुमति के लिए आवेदन किया था। नियमानुसार सभी दस्तावेज भी ठेकेदार ने विभाग में जमा कराए थे। उद्यान विभाग की टीम ने मौका-मुआयना भी कर लिया था। ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि उद्यान निरीक्षक ने अनुमति देने के एवज में उनसे 12 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। मना करने पर अनुमति नहीं देने की धमकी दी गई। ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस में की थी। विजिलेंस जांच में सामने आया कि वाकई उद्यान निरीक्षक घूस की डिमांड कर रहा है। उसके बाद टीम ने रणनीति तैयार कर आरोपी को रंगे हाथ दबोचने की प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया था।
घूसखोरी की शिकायत मिलते ही विजिलेंस ने ट्रैप टीम का गठन किया। एसपी विजिलेंस के निर्देश पर गठित ट्रैप टीम ने आरोपी को दबोचने को जाल बिछाना शुरू कर दी थी। ट्रैप टीम ने आज पूरी प्लानिंग के साथ आरोपी निरीक्षक के किच्छा स्थित आवास पर पहुंची। उसके बाद टीम ने आरोपी को 12 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। विजिलेंस के निदेशक डॉ. वी मुरूगेशन ने लोगों से अपील की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे इस अभियान में बढ़चढ़ कर भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की डिमांड करता है तो उसकी शिकायत विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर करें।