देहरादून

रोडवेज का किराया 100 रुपये तक बढ़ा, यात्रियों की जेब होगी ढीली, जानें वजह

Roadways Travel Expensive : रोडवेज बसों का किराया 100 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। रूट बदलने के कारण ये समस्या सामने आई है। इसका असर यात्रियों पर पड़ रहा है। महंगाई की मार झेल रहे यात्रियों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।

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Feb 10, 2026
उत्तराखंड परिवहन निगम ने रोडवेज बसों का किराया बढ़ा दिया है

Roadways Travel Expensive : रोडवेज बसों का किराया सौ रुपये तक बढ़ा दिया गया है। दरअसल, इन दिनों धर्मनगरी हरिद्वार में शारदीय कांवड़ मेला चल रहा है। देश भर से लोग कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं। इसके कारण हरिद्वार में भारी भीड़ चल रही है। जाम और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए परिवहन निगम ने सोमवार से रोडवेज बसों का रूट डायवर्ट कर दिया है। हरिद्वार से कुमाऊं मंडल आने-जाने वाली बसों के रास्ते बदलने से यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। अल्मोड़ा, हल्द्वानी, रामनगर, रुद्रपुर, काशीपुर, नैनीताल और जसपुर के साथ ही नजीबाबाद, धामपुर और मुरादाबाद रूट पर भी किराया बढ़ा दिया गया है। रोडवेज ने रवानगी में प्रति सवारी 50 रुपये और वापसी में 100 रुपये तक इजाफा किया। हरिद्वार डिपो के एजीएम विशाल चंद्रा के मुताबिक, शारदीय कांवड़ मेले के चलते हरिद्वार से नजीबाबाद जाने वाली बसों को चिड़ियापुर से नहर किनारे वाले रास्ते से भेजा जा रहा। इस कारण प्रति सवारी 50 रुपये किराया बढ़ाया गया है। रोडवेज बसें धामपुर-बिजनौर और आंशिक रूप से मुजफ्फरनगर होकर आ रही हैं और 100 रुपये अतिरिक्त किराया लिया जा रहा है।

इन शहरों का इतना बढ़ा  किराया

शहर        पहले    अब         वापसी

रामनगर   335        385          435

काशीपुर   290      340          390

जसपुर     240        290           340

रुद्रपुर     390       440            490

हल्द्वानी   435     485              535

नैनीताल  495     545              595

अल्मोड़ा   640     690            740

धामपुर    170      190            270

नजीबाबाद   95    145            195

नीलकंठ धाम में लागू होगा वन-वे

महाशिवरात्रि पर नीलकंठ धाम में भक्तों की भीड़ बढ़ने पर ट्रैफिक वन-वे व्यवस्था रहेगी। हरिद्वार से आने वाले वाहनों को गरुड़चट्टी से एंट्री दी जाएगी, जबकि वापसी करने वाले वाहन गुरुड़चट्टी के नजदीक बाइपास से होते हुए सीधे बैराज की ओर जाएंगे। यहां से वाहनों को हरिद्वार की तरफ भेजा जाएगा। नीलकंठ शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर उत्तराखंड सहित तमाम राज्यों से जलाभिषेक के लिए लाखों शिवक्तों की भीड़ जुटती है।

Updated on:
10 Feb 2026 10:35 am
Published on:
10 Feb 2026 10:34 am
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