देहरादून

छोटे ठेकेदारों को भी मिलेंगे बड़े टेंडर, सरकार ने टर्न ओवर सहित दीं कई रियायतें

Gift For Contractors : स्थानीय छोटे ठेकेदारों को भी अब राज्य में बड़े-बड़े टेंडर मिल सकेंगे। सरकार ने स्थानीय छोटे और मझौले ठेकेदारों को निर्माण कार्य के टेंडरों में बड़ी राहत दी है। इसके तहत 10 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य के लिए सालाना टर्नओवर में 50 % की कमी कर दी गई है। इसके अलावा छोटे ठेकेदारों को अन्य कई रियायतें भी दे दी गई हैं।

2 min read
Jan 03, 2026
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक फोटो

Gift For Contractors : छोटे ठेकेदार भी अब 10 करोड़ रुपये तक के निर्माण कार्यों के टेंडर आसानी से हासिल कर सकेंगे। सरकार ने 10 करोड़ तक के निर्माण कार्यों में ठेकेदारों के सालाना टर्न ओवर में 50 प्रतिशत की कमी कर दी है। अनुभव और मुख्य निर्माण मद यानि प्रिंसीपल आइटम मद में भी छूट को बढ़ा दिया गया। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने उत्तराखंड की वर्तमान ई-प्रोक्योरमेंट व्यवस्था में किए गए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के तहत होने वाले कार्यों के लिए भी मानक बनाए गए हैं। इसमें ठेकेदार का टर्नओवर पिछले पांच साल में किसी एक साल में टेंडर की अनुमानित लागत का 50 प्रतिशत होना चाहिए। कार्य अनुभव में टेंडर डालने वाले व्यक्ति के पास पिछले पांच साल में टेंडर की लागत का न्यूनतम 33 प्रतिशत लागू के कम से एक काम को करने का अनुभव होना आवश्यक है। आपदा प्रबंधन के लिए तय मानक केवल एक साल के लिए लागू होंगे। राज्य में 25 लाख रुपये से अधिक लागत के कार्यों के लिए ही ई टेंडरिंग अनिवार्य होगी।

1.5 से 10 करोड़ तक के निर्माण कार्य

उत्तराखंड में पिछले पांच वर्षों में ठेकेदार का निर्माण कार्यों में औसत टर्नओवर टेंडर लागत का 50 प्रतिशत होना चाहिए। इसी प्रकार पिछले पांच साल में मुख्य ठेकेदार के रूप में टेंडर की लागत के न्यूनतम 33 प्रतिशत लागत के कम से कम एक काम का अनुभव भी जरूरी है। मुख्य निर्माण मद में ठेकेदार को पिछले पांच साल के किसी एक साल में वार्षिक निर्माण दर का कम से कम 50 फीसद काम करने का अनुभव आवश्यक होगा।

10 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य

पहले पांच साल में औसत वार्षिक टर्नओवर कार्य की लागत का 200 प्रतिशत होना अनिवार्य था। अब यह टेंडर कार्य के अनुमानित वार्षिक व्यय के बराबर यानि केवल 100 प्रतिशत रहेगा। इसी प्रकार पहले पांच साल में टेंडर की लागत का 60 प्रतिशत का एक कार्य या 30-30 प्रतिशत के दो कार्य करने का अनुभव जरूरी था। अब मुख्य ठेकेदार के रूप में टेंडर की लागत के न्यूनतम 50 प्रतिशत लागत का एक कार्य या 33 प्रतिशत के कम से कम दो निर्माण कार्य कराने का अनुभव जरूरी होगा। इसके साथ ही मुख्य निर्माण मद-प्रिंसीपल आइटम्स में पांच वर्ष के किसी एक साल में वार्षिक निर्माण की दर को 80 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है

Published on:
03 Jan 2026 09:03 am
Also Read
View All

अगली खबर