Vanbhulpura Railway Land Encroachment : हल्द्वानी के वनभूलपुरा अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला दे सकता है। इसी को देखते हुए हल्द्वानी को आज चौतरफा सुरक्षा घेरे में रखा गया है। शहर में भारी फोर्स तैनात की गई है। बाहरी लोगों के यहां आने पर आज रोक लगा दी गई है। यदि अतिक्रमण हटाने के आदेश मिलते हैं तो पांच हजार परिवारों के 50 हजार लोग इसकी जद में आएंगे।
Vanbhulpura Railway Land Encroachment : वनभूलपुरा में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण के संबंध में आज सुप्रीम कोर्ट में फैसला आने की संभावना है। बता दें कि हल्द्वानी के वनभूलपुरा में रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण कर एक बस्ती बस चुकी है। इसमें अधिकांश मुस्लिम परिवार शामिल हैं। रेलवे की इस भूमि पर करीब 4365 भवन बन चुके हैं। इनमें पांच हजार परिवारों के करीब 50 हजार लोग काबिज हैं। हाईकोर्ट भी रेलवे की इस भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी कर चुकी है। तब से ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में आज इस मामले में फैसला आने की संभावना है। ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्षेत्र की फिजा न बिगड़े। इसी को देखते हुए हल्द्वानी में आज हाई अलर्ट जारी किया है। पुलिस और पीएसी के अलावा ड्रोन और सीसीटीवी से वनभूलपुरा पर निगरानी की जा रही है। इतना ही नहीं पुलिस सत्यापन की कार्रवाई कर रही है।एसपी सिटी मनोज कत्याल के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला आने की संभावना है।
वनभूलपुरा रेलवे भूमि से अतिक्रमण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है। इसी को देखते हुए कल पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला। एसपी सिटी ने वनभूलपुरा पुलिस के साथ सोमवार को ताज चौराहे से लेकर मस्जिद तक पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने गतिविधियों को देखा। एसपी सिटी के मुताबिक रात को पुलिस और पीएसी संवेदनशील जगहों पर तैनात कर दी जाएगी। दो ड्रोन और 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कुछ हिस्ट्रीशीटरों की परेड कराई है। दो हिस्ट्रीशीटर लापता चल रहे हैं। 31 हिस्ट्रीशीटर वनभूलपुरा थाने में दर्ज हैं।
वनभूलपुरा में सुनवाई की तारीख के दौरान बाहरी व्यक्तियों पर खासतौर पर नजर रखी जा रही है। कोतवाल डीएस फर्त्याल ने बताया कि संदिग्ध जो भी बाहर से आ रहा है, उसका तत्काल सत्यापन कराया जा रहा है। बाहरी के आने पर सूचना देने की अपील की है। हालांकि पुलिस की तैयारियां इस बार बीते तारीखों के मुकाबले हल्की हैं। सुनवाई का नंबर भी 34वां बताया जा रहा है। इस वजह से संभावना है कि फैसला नहीं आएगा। खुफिया विभाग क्षेत्र में घुसकर जानकारियां एकत्र करता रहा।