Nitin Murder Case : भाजपा नेता की हैवानियत देख चश्मदीद की भी रूह कांप उठी। चश्मदीद के मुताबिक नितिन को गोली मारने के बाद भाजपा नेता उसे भी मौके पर ही खत्म करना चाहता था। उसके इरादे भांप चश्मदीद मौका-ए-वारदात से भाग खड़ा हुआ हुआ था। आरोपी के सिर पर खून सवार था। वह चश्मदीद को मारने के लिए बंदूक लेकर काफी देर तक उसके पीछे दौड़ा,लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
Nitin Murder Case : नितिन हत्याकांड से खलबली मची हुई है। यहां भाजपा मंडल उपाध्यक्ष व नगर निगम पार्षद ने 22 साल के एक युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित जजफार्म मुखानी निवासी 22 वर्षीय नितिन लोहनी रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि अपने दोस्त कमल भंडारी के साथ स्कूटी से घर जा रहा था। नितिन की भाजपा पार्षद अमित बिष्ट के बेटे जय से दोस्ती थी। दोनों जय से मिलने उसके घर पहुंचे थे। भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उन्हें देख बौखला गया और उसने उन पर बंदूक से फायरिंग कर दी। एक गोली नितिन के पीठ पर लग गई। उसके बाद नितिन और उसका दोस्त जान बचाकर भागने लगे। गोली लगने से घायल नितिन की कुछ ही दूरी पर मौत हो गई थी। उसके बाद हत्यारोपी घटना के चश्मदीद कमल को भी गोली मारने के लिए दौड़ पड़ा। कमल ने भागकर जान बचाई। कमल ने पुलिस को गोली लगने से नितिन पास के एक गड्ढे में गिर गया था। कमल जब घायल नितिन को उठाने की कोशिश कर रहा था तभी अमित मौके पर पहुंच गया था। कमल ने अमित से जान बक्शने की गुहार लगाई, लेकिन उसके सिर पर खून सवार था। वह कमल को भी मारने के लिए दौड़ पड़ा। कमल ने भागकर जान बचाई। आरोपी ने कमल का पीछा भी किया लेकिन वह उसके हत्थे नहीं चढ़ पाया। इधर, हत्याकांड के बाद भाजपा ने आरोपी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उसके करीबी नेता भी अब उससे पल्ला झाड़ने लगे हैं।
नितिन हत्याकांड के आरोपी पार्षद ने पहले गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद घर जाकर कुछ देर बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी। उसने कहा जा रहा है कि मृतक के परिवार को भी कॉल कर आरोपी ने घटना के बारे में बताया। हालांकि मृतक के परिवार के कुछ सदस्यों ने इससे इनकार किया है। आरोपी ने खुद कोतवाली में फोन कर घटना की सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी घर में ही बैठा था। अन्य सदस्य अपने कमरे में थे। उसके साथ उसका बेटा था। इसके बाद पुलिस आरोपी व उसके बेटे को कोतवाली ले आई।
नितिन हत्याकांड से पूरे शहर में सनसनी फैली हुई है। कमल ने पुलिस को बताया कि उसने जैसे ही घर की बेल बजाई तो पार्षद बाहर आए। पास ही उनका बेटा भी खड़ा था। मैंने उन्हें हाथ भी जोड़े, लेकिन पार्षद अमित बिष्ट ने बिना कुछ सुने ही फायर झोंक दिया। इसके बाद दूसरी गोली नितिन की पीठ पर मारी। इससे नितिन पास ही एक गड्ढे में गिर गया। मैंने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह उठ नहीं पाया। कमल के अनुसार, इसके बाद वे लोग हथियार लेकर मेरे पीछे आए तो मैं जान बचाकर सीधे अपने घर को भागा। रात में ही मैंने फोन पर विपिन के बारे में जानकारी जुटाई तो उसके सही होने की जानकारी मिली। सुबह नितिन की मौत का पता चलने पर कोतवाली पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। घटना से कमल दहशत में है।